कवितायें और कहानियाँमनोरंजन

आसाधारण मृत्यु

आसाधारण मृत्यु

जो व्यक्ति साधारण जिया नहीं,
उसकी मौत साधारण क्या होगी;
कोई फाँसी के फंदों पर झूल गया,
किसी का दुर्घटनाग्रस्त विमान हुआ,
कोई खोया ऐसा कि फिर मिला नहीं,
कोई किसी गोली का निशान हुआ,
वो व्यक्ति असाधारण ही तो है,
जो मातृभूमि हेतु बलिदान हुआ,
परहित को जीवन समर्पित करके,
जिसका दुनिया से निर्गत प्राण हुआ,
जिसने असाधारण है राह चुनी,
उन्हें भी साधारण मौत की चाह कहाँ होगी,
उनके मरने पर भी उत्सव होगाऔर
उनके अंतिम-यात्रा में भी वाह-वाह होगी।
★★★★★
गाँधी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं और हमारे देश के प्रहरियों को कोटि-कोटि नमन!!🙏🙏
★★★★★
—-(Copyright@ भावना मौर्य “तरंगिणी”)—-

(नोट:- यहाँ असाधारण शब्द मैंने उन दिव्यात्माओं के लिए प्रयोग किया है जिन्होंने निज जीवन को परहित के लिए समर्पित कर दिया और न ही वे साधारण मनुष्य की भाँति जीवन यापन कर पाये और न ही उन्हें साधारण मृत्यु ही मिली परंतु उनके जन्म और मृत्यु दोनों ही स्मरणीय हैं और उनका नाम इतिहास में अमर है।)

Read more…..गुस्ताखियाँ

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button