सीएम योगी ने पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती पर उऩ्हें कोटि-कोटि नमन किया 

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पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को उनकी 124वीं जयंती पर पूरा देश नमन कर रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर उऩ्हें श्रंद्धाजलि दी। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि मां भारती के अमर सपूत, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की क्रांतिकारी धारा के प्रमुख सेनानी अमर शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। आपका बलिदानी जीवन हमें राष्ट्र सेवा के लिए युगों-युगों तक प्रेरित करता रहेगा।


आपको बता दे कि भारत के महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की आज जयंती मनाई जा रही है। उनका जन्म 1897 में ब्रिटिश भारत के उत्तर-पश्चिमी प्रांत (उत्तर प्रदेश) के शाहजहांपुर में हुआ था। कहा जाता है कि जब राम प्रसाद बिस्मिल महज 14 साल के थे, तब वो अपने माता-पिता से पैसे चुराते थे और उनसे किताबें खरीदते थें, क्योंकि उन्हें किताबों से बेहद लगाव था। बिस्मिल के पिता की आय बहुत कम थी, जिसके कारण परिवार को गुजारा काफी मुश्किलों से हो पाता था, ऐसे में घर की आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से वो 8वीं तक ही अपनी स्कूली पढ़ाई कर पाए। राम प्रसाद बिस्मिल ने अपने पिता से हिंदी सीखी और उर्दू सीखने के लिए उनको एक मौलवी के पास भेजा गया था। बिस्मिल न सिर्फ एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे, बल्कि वो एक बेहतरीन कवि और अच्छे लेखक भी थे। 

राम प्रसाद बिस्मिल उच्च कोटि के कवि, शायर, अनुवादक और साहित्कार भी थे। उनकी प्रसिद्ध रचना सरफरोशी की तमन्ना...गाते हुए न जाने कितने क्रांतिकारी देश की आजादी के लिए फांसी के फंदे पर झूल गए। उन्हें साल 1918 के मैनपुरी षडयंत्र और 1925 के काकोरी कांड में हिस्सा लेने के लिए जाना जाता है। अंग्रेजों ने ऐतिहासिक काकोरी कांड में मुकदमे के बाद 19 दिसंबर 1927 को उन्हें गोरखपुर की जेल में फांसी पर चढ़ा दिया था। 

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