अमृत महोत्सव पूरे देश में एक संदेश लेकर जाएगा - डाॅ0 नीलकंठ तिवारी

अमृत महोत्सव

भारत के अमृत महोत्सव में ऐसी धरती को नमन न किया जाए तो शायद कहीं न कहीं एक चूक होगी। भरतीय स्वाधीनता संघर्ष के इतिहास में जिला शाहजहाँपुर का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। काकोरी काण्ड के अमर शहीद पं0 राम प्रसाद विस्मिल, अशफाॅक उल्ला खाँ, ठाकुर रोशन सिंह आदि ने देश में क्रान्ति की ऐसी अलख जगाई कि अंग्रेजो के छक्के छूट गये। भारत मां के सच्चे सपूत पं0 राम प्रसाद विस्मिल आज के दिन ही जन्मे थे।

उक्त बातें भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रहलाद सिंह पटेल ने शहीद उद्यान पार्क शाहजहांपुर में आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान कहीं। इससे पूर्व उन्होंने उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति, पर्यटन, एवं धर्मार्थ कार्य विभाग डाॅ0 नीलकंठ तिवारी एवं राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग, कपिल देव अग्रवाल के साथ संयुक्त रूप से शहीद उद्यान पार्क में अमर शहीद पं0 राम प्रसाद विस्मिल के जन्म दिवस के अवसर पर अमर शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर केन्द्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने अमृत महोत्सव मनाएं जाने का निर्णय इसलिए लिया कि अमृत महोत्सव कार्यक्रम के माध्यम से अमर शहीदों को याद किया जाए।

उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति, पर्यटन, प्रोटोकाॅल एवं धर्मार्थ कार्य विभाग डाॅ0 नीलकंठ तिवारी ने कहा कि ऐसे कम ही उदाहरण मिलते है जो साहित्यकार एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दोनों रहा हो, अमर शहीद पं0 राम प्रसाद बिस्मिल उनमें से एक है। पं0 राम प्रसाद बिस्मिल जी ने 30 वर्ष की उम्र में ही अपने प्राणों को देश के लिए न्योछावर कर दिया। उन्होंने अमृत महोत्सव के सफल आयोजन की शुभकामनाएं दी और कहा कि यह आयोजन पूरे देश में एक संदेश लेकर जाएगा।

इसके उपरान्त उपरोक्त मंत्रीगण द्वारा अमर शहीद पं0 राम प्रसाद बिस्मिल के परिवारजनों से  मुलाकात की गयी तथा अमर शहीद अशफाक उल्ला खां की मजार पर जाकर चादर चढ़ाई गयी। उन्होंने निर्माणाधीन संग्राहलय का निरीक्षण किया तथा सम्बन्धित अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

इस अवसर पर सांसद अरूण कुमार सागर, जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक एस आनन्द, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रेरणा शर्मा आदि उपस्थित रहें।

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