बिपिन रावत के पद छोड़ने के बाद नये सेना प्रमुख बने जनरल मुकुंद नरवाणे

Medhaj News 31 Dec 19 , 14:51:32 Governance Viewed : 814 Times
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जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे ने नए सेना प्रमुख पद की जिम्मेदारी संभाल ली है। वह देश के 28वें सेना प्रमुख बन गए हैं। उन्होंने जनरल बिपिन रावत की जगह ली। इससे पहले आज जनरल बिपिन रावत सेना प्रमुख के पद से रिटायर हुए। जनरल बिपिन रावत कल यानी एक जनवरी से चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। जनरल बिपिन रावत को देश के पहले सीडीएस होंगे। सीडीएस की नियुक्ति तीनों सेनाओं के बीच बेहतरीन समन्वय के लिए की गई है।

जनरल बिपिन रावत ने अपने विदाई संदेश में जवानों और देशवासियों को नए साल की बधाई दी। उन्होंने बतौर सेना सभी विभागों से मिले सहयोग के लिए शुक्रिया अदा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हर चुनौतियों का सामना करने के लिए भारतीय सेना बेहतर तरीके से तैयार है।





लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के बारे में 5 बातें जानें-

1. लेफ्टिनेंट जनरल नरवाना सेना को पूर्वी कमान की कमान संभालने का अनुभव है, जो भारत की चीन के साथ लगभग 4,000 किलोमीटर की सीमा की देखभाल करती है।

2. जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में आतंकवाद विरोधी माहौल के बीच अपनी 37 वर्षों की सेवा में लेफ्टिनेंट जनरल नरवणे ने शांति, क्षेत्र और अत्यधिक सक्रियता में कई कमांड नियुक्तियों में काम किया है।

3. मनोज मुकुंद नरवणे ने जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन और पूर्वी मोर्चे पर इन्फैन्ट्री बिग्रेड की कमान भी संभाली है।

4. जनरल मनोज मुकुंद वह श्रीलंका में इंडियन पीस कीपिंग फोर्स का भी हिस्सा थे और तीन साल तक उन्होनें म्यांमार में भारतीय दूतावास में भारत के रक्षा प्रशिक्षक के रूप में काम किया था।

5. जनरल मनोज मुकुंद को जम्मू कश्मीर में अपनी बटालियन की कमान प्रभावी तरीके से संभालने को लेकर सेना पदक मिल चुका है. उन्हें नगालैंड में असम राइफल्स (उत्तरी) के महानिरीक्षक के तौर पर उल्लेखनीय सेवा को लेकर 'विशिष्ट सेवा पदक' तथा प्रतिष्ठित स्ट्राइक कोर की कमान संभालने को लेकर 'अतिविशिष्ट सेवा पदक' से भी नवाजा जा चुका है। उन्हें 'परम विशिष्ट सेवा पदक' से भी सम्मानित किया गया है।



सेना में सेना प्रमुख का पद सिर्फ एक ओहदा मात्र

जनरल रावत ने इस दौरान कहा कि भारतीय सेना में सेना प्रमुख का पद सिर्फ एक ओहदा मात्र है। वो अकेले काम नहीं करता। उसे सेना के सभी जवान सहयोग करते हैं तभी वह काम कर पाता है। इस सहयोग से सेना आगे बढ़ती है। इससे पहले उन्हें साउथ ब्लॉक में उनको गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने आज राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।





रावत ने विदाई संदेश में कहा, 'आज, मैं भारतीय सेना के उन सैनिकों के प्रति अपना आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में स्थिर रहे हैं। मैं जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे को अपनी शुभकामनाएं देना चाहता हूं जो 28 वें सेना प्रमुख के रूप में पद ग्रहण करेंगे।उनका मैं सहयोग करता रहूंगा। सेना भी उनका सहयोग करती रहेगी। उम्मीद है कि नए सेना प्रमुख के अंडर में सेना अधिक से अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।'



 


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