BJP द्वारा मनोज सिन्हा को जम्मू कश्मीर का नया उपराज्यपाल बनाने पर उमर अब्दुल्ला समेत पूरे विपक्ष के होश उड़े

Medhaj News 8 Aug 20 , 08:30:04 Governance Viewed : 1226 Times
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नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने गुरुवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू तथा पूर्ववर्ती राज्य के अंतिम राज्यपाल के इस्तीफे में ‘‘अजीब संयोग''(Strange coincidence) है। दोनों को राजभवन से तब हटाया गया जब उन्हें इस की बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी। मुर्मू ने बुधवार की रात जम्मू- कश्मीर के उपराज्यपाल पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) को बृहस्पतिवार को केंद्रशासित प्रदेश का नया उप राज्यपाल (Lieutenant Governor) नियुक्त कर दिया गया।

सिन्हा जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल बनने वाले पहले राजनीतिक व्यक्ति हैं। अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘‘अजीब संयोग है कि जम्मू-कश्मीर राज्य के अंतिम राज्यपाल और जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश के पहले उपराज्यपाल को तब हटाया गया जब उन्हें इसकी बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी। जब उन्हें सामान पैक करने और अनौपचारिक ढंग से रवाना होने का ऑर्डर मिला तो उस समय उनकी कई बैठकें निर्धारित थीं।' उन्होंने कहा कि केंद्र की वर्तमान सरकार उम्मीदों के विपरीत कोई भी आश्चर्यजनक कदम उठा सकती है।

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘बीती रात, एक या दो नाम थे जिनकी लोग चर्चा कर रहे थे और यह नाम उनमें नहीं था। आप हमेशा इस सरकार पर यह विश्वास कर सकते हो कि यह पूर्व में ‘सूत्रों' द्वारा गढ़े गए नाम के विपरीत अप्रत्याशित ढंग से कोई भी नाम उछाल सकती है।' पूर्व में, केंद्र ने राजनीतिक व्यक्ति सत्यपाल मलिक को पिछले साल जम्मू कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों-जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने से पहले इस पूर्ववर्ती राज्य का राज्यपाल नियुक्त किया था।

कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार भी केंद्र सरकार कुछ धमाकेदार करने जा रही है जिसका किसी को कोई भी अंदाजा नहीं है। यह पाकिस्तान से जुड़ा हो सकता है क्योंकि बीते दिनों पाकिस्तान ने कुछ ऐसे संकेत दिए हैं कि वाह अब केंद्र सरकार के निशाने पर आ चुका है। चीन के साथ पाकिस्तान की दोस्ती भारत को पसंद नहीं आ रही है और वह चीन को कमजोर करने और अपना वर्चस्व एशिया में बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम पाकिस्तान के विरुद्ध उठा सकता है।


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