#SupremCourt में प्रशांत भूषण का केस, चीफ जस्टिस के पास ट्रांसफर

Medhaj News 25 Aug 20 , 14:40:57 Governance Viewed : 1140 Times
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केंद्र सरकार के प्रतिनिधि अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट से फिर गुहार लगाई कि वो अदालत की अवमानना मामले में प्रशांत भूषण को कोई सजा नहीं दे। कोर्ट ने सजा तय किए जाने के लिए बहस शुरू करते हुए अटॉर्नी जनरल से राय मांगी, इस पर वेणुगोपाल ने कहा कि भूषण को चेतावनी देकर छोड़ा जा सकता है। इस पर कोर्ट ने उन्हें उन दिनों की याद दिला दी जब खुद वेणुगोपाल ने प्रशांत भूषण के खिलाफ अवमानना की याचिका दायर की थी।

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने 2009 के मामले में सुनवाई की जब भूषण ने तहलका मैगजीन को दिए इंटव्यू में कहा था कि तब तक के 16 पूर्व मुख्य न्यायाधीशों में से आधे को भ्रष्ट कहा था। सुप्रीम कोर्ट अब इस पर विचार कर रहा है कि क्या भूषण से इस बयान से देश की सर्वोच्च अदालत की अवमानना हुई है। सुनवाई के दौरान प्रशांत भूषण के वकील राजीव धवन ने मामले को सुनवाई के लिए संविधान पीठ को भेजने की मांग की। जस्टिस अरुण मिश्रा की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने मामले को मुख्य न्यायाधीश के पास भेजा। मुख्य न्यायाधीश तय करेंगे कि 2009 के मामले की सुनवाई संविधान पीठ करेगी या नहीं।

वीडियो कॉन्फ्रेस के माध्यम से हुई सुनवाई में पीठ ने कहा कि यह मामला काफी समय से लंबित है, इसे 10 सितंबर को एक उपयुक्त पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। दो सितंबर को सेवानिवृत्त होने जा रहे न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि इस मामले को देखने के लिए समय चाहिए अत: इसे एक उपयुक्त पीठ को सौंपते हैं।


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      Commented by :Chandra Mohan
      27-08-2020 20:43:44

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