सेहत और स्वास्थ्य

कोरोना मरीजों के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए नए दिशानिर्देश

कोरोना वायरस संक्रमण के मामले देश में तेज रफ्तार से बढ़ रहे हैं। बीते कई दिनों से कोरोना के मामलों के साथ ही ओमिक्रोन वेरिएंट से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ने लगी है। इस कारण देशभर में कोरोना संक्रमण के मामलों में उछाल देखने को मिला है।

बीते दिनों स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोरोना मरीजों के लिए क्लिनिकल गाइडलाइंस में कुछ संशोधन किया है। इसमें कोरोना के हल्के, मध्यम और गंभीर मरीज शामिल हैं। कोविड राष्ट्रीय कार्य बल ने सोमवार को कहा कि कोविड रोगियों के सही से प्रबंधन के लिए कुछ संशोधन किए गए हैं। इसमें ऐसे मरीज जिनमें कोरोना के बेहद हल्के लक्षण नजर आ रहे हैं, वे होम आइसोलेशन में रहेंगे। वहीं, गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों को इंटेंसिव केयर यूनिट में भर्ती कराया जाएगा।

जो लोग होम आइसोलेशन में रहकर अपना इलाज करा रहे हैं, तो उन्हें कुछ जरूरी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। कोविड टास्क फोर्स के अनुसार, होम आइसोलेशन में हैं, तो आपको फिजिकल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखना होगा। मास्क पहनना होगा। हाथों की साफ-सफाई का भी ध्यान रखना होगा।

– हाइड्रेशन, एंटी-पायरेटिक्स, एंटीट्यूसिव जैसी सिम्प्टोमैटिक प्रंबधन का पूरा ख्याल रखें।

– आप जिस भी डॉक्टर से अपना इलाज करा रहे हैं, उसके कॉन्टैक्ट में लगातार बने रहें।

– लगातार शरीर का तापमान, ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल ऑक्सीमीटर से जांच करते हैं।

– यदि आपका ऑक्सीजन लेवल 93 से नीचे जाता है, सांस लेने में तकलीफ महसूस होती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या हॉस्पिटल जाएं। बुखार भी अधिक है, खांसी अधिक है, जो 5 दिनों से बनी हुई है, तो इसे भी नजरअंदाज ना करें।

– मध्यम रूप से संक्रमित कोरोना मरीजों को हॉस्पिटल के वॉर्ड में भर्ती होने की जरूरत है।

– वॉर्ड में भर्ती मरीजों का ऑक्सीजन सैचुरेशन चेक करने पर 92 से 96 प्रतिशत आता है, तो ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है। सीओपीडी के मरीजों के लिए ऑक्सीजन सैचुरेशन 88-92 प्रतिशत होने पर ऑक्सीजन सपोर्ट बेहद जरूरी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button