भगवान शि‍व को सावन का महीना इतना प्रिय क्यों है ?

Medhaj News 2 Jul 20 , 18:27:35 Health Viewed : 11166 Times
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पूरे देश में सावन के महीने को एक त्योहार की तरह मनाया जाता है और इस परंपरा को लोग सदियों से निभाते चले आ रहे हैं | भगवान शिव की पूजा करने का सबसे उत्तम महीना होता है सावन, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सावन के महीने का इतना महत्व क्यों है और भगवान शिव को यह महीना क्यों प्रिय है? इसे लेकर एक पौराणि‍क कथा प्रचलित है, जिसमें सनत कुमारों द्वारा भगवान शिव से सावन माह के प्रिय होने का कारण पूछा, तो भगवान शिव ने इसका उत्तर दिया- कि जब देवी सती ने अपने पिता दक्ष के घर में योगशक्ति द्वारा अपने देह का त्याग किया, उससे पहले देवी सती ने महादेव को प्रत्येक जन्म में पति के रूप में पाने का प्रण किया था। अपने दूसरे जन्म में देवी सती ने राजा हिमाचल और रानी मैना के घर में पार्वती के रूप में जन्म लिया और पार्वती के रूप में देवी ने अपनी युवावस्था में, सावन के महीने में अन्न, जल त्याग कर, निराहार रह कर कठोर व्रत किया था।


मां पार्वती के इस व्रत से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने देवी पार्वती से विवाह किया। तभी से भगवान महादेव को सावन का महीना अतिप्रिय है। इसीलिए भक्तगण इस महीने में उनकी भक्ति में लीन रहते हैं, जिससे शिव की कृपा प्राप्त हो सके। सावन माह शि‍व भक्ति के लिए उत्तम माना गया है। इसके अलावा एक और कथा भी प्रचलित है, जिसके अनुसार- मृकंडु ऋषि के पुत्र मारकंडेय व्दारा लंबी आयु प्राप्त करने के लिए, सावन माह में ही घोर तप कर भगवान शिव को प्रसन्न कर उनकी कृपा प्राप्त की थी। इससे उन्हें ऐसी मंत्र शक्त‍ियां प्राप्त हुईं, जिसके आगे यमराज भी नतमस्तक हो गए।

सावन मास में भगवान शिव की पूजा के समय आप ओम नम:शिवाय मंत्र का जाप करें |

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