मनोरंजनहास्य

विज्ञापनो की मम्मी कितनी अच्छी होती है

एक शादी में पंडित जी ने दूल्हे का हाथ दुल्हन के हाथ में थमा दिया |
गज्जू ये सब दृश्य देख रहा था उसने अपने पिता से पूछा
पिताजी दूल्हा और दुल्हन आपस में हाथ क्यों मिला रहे है ?
पिता ने उत्तर दिया – बेटा, पहलवान अखाड़े में उतरने से पहले हाथ जरूर मिलाते है

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अंग्रेजी बोलने का भूत जब दिमाग पर
चढ़ता है तो कुछ इस प्रकार का माहौल बन जाता है..
टीचर – कल तुम कोचिंग नहीं आये कहाँ थे.?
मनोहर – वो कल हमारे यहां मंदिर में
ब्युटीफुल ट्रेजडी था ना, इसलिए नहीं आ पाया।
टीचर – ब्युटीफुल ट्रेजडी से मतलब ?
मनोहर – मतलब सुन्दर काण्ड था।
टीचर अभी भी सदमें है…

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संता बंता से – विज्ञापनो की मम्मी कितनी अच्छी होती है
बच्चे कपड़े गंदे करके आए तो भी हँस के धोती है.
बचपन में जब हम कपडे गंदे कर के आते थे,
तो पहले हम धुलते थे,
बाद में कपड़े !

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संता ने बंता से तीन नये सवाल पूछे
और कहा तीनों का जबाब एक ही होना चाहिये …
“दूध क्यों उफन जाता है ?
पानी क्यों बह जाता है ?
सब्जी क्यों जल जाती है ?”
बीरबल ने जवाब दिया …..
“व्हाटसअप चालू होने की वजह से

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