सेहत और स्वास्थ्य

इन बीमारियों में होम्योपैथी की दवा ‘रामबाण’ की तरह होती है, बिना सलाह बिल्कुल न करें सेवन

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बच्चों से लेकर बड़ों तक, इन बीमारियों में होम्योपैथी की दवा ‘रामबाण’ का काम करती है

आयुष के होम्योपैथी चिकित्सा प्रणाली का खास महत्व

भारतीय संस्कृति पूरे विश्व में अपनी एक अनोखी संस्कृति के लिए जानी जाती है। भारतीय संस्कृति में आयुष का एक खास महत्व है। आयुष प्रणाली में यहां कि सारी चिकित्सा प्रणालियां समाहित हैं, जैसे- आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी, और नेचुरोपैथी। इन सभी चिकित्सा प्रणालियों के जरिए व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा को एकाग्र करके बीमारियों को खत्म करने की कोशिश की जाती है। इन प्रणालियों में नैचुरल चीजों का अपना एक खास महत्व है, जैसे- आयुर्वेद तरीके से इलाज, अच्छा भोजन, योगासन, ध्यान, प्रणायाम और खास तरह की लाइफस्टाइल। होम्योपैथी चिकित्सा प्रणाली भी बेहद खास है और इससे कई तरह की बीमारियों को ठीक करने का दावा किया जाता है। यह चिकित्सा प्रणाली शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्तर पर काम करती है।

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होम्योपैथी दवा का असर और काम करने का तरीका

होम्योपैथी दवाएं कई बीमारियों और उससे जुड़ी समस्याओं, जैसे कि बुखार, सर्दी, खांसी, पेट के रोग, त्वचा, मानसिक स्वास्थ्य, जोड़ दर्द, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और महिलाओं एंव बच्चों की समस्याओं के निदान में बेहद कारगर होती हैं। होम्योपैथी एक खास तरह कि चिकित्सा प्रणाली है जो इस विश्वास पर आधारित है कि शरीर स्वयं को ठीक कर सकता है। इस दवा की सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी भी बीमारी का इलाज किया जाता है तो उस व्यक्ति को ध्यान में रखकर जिसे ये बीमारी है। यह दवा शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्तर पर काम करती है। इसे 1700 के अंत में जर्मनी में विकसित किया गया था और वर्तमान में कई यूरोपीय देशों में इसका उपयोग किया जाता है।

होम्योपैथिक दवा के असर के लिए समय अवधि

आम बीमारियों में होम्योपैथी दवा का असर आम तौर पर 2-3 दिन में दिखने लगता है। यह दवा अधिकतर ब्याधियों के लिए त्वरित राहत प्रदान करती है। इसलिए अगर आपको कोई सामान्य समस्या है जैसे- सर्दी, खांसी, बुखार आदि, तो आप इसे बिना सोचे समझे उपयोग कर सकते हैं। लेकिन बड़ी बीमारियों जैसे- लिवर, किडनी, आंत, गठिया, जिनमें लंबे समय से समस्या हो रही है, उनके इलाज में थोड़ा समय लगता है। इसके लिए आपको धैर्य रखना होगा और नियमित रूप से दवा का सेवन करना होगा।

होम्योपैथी दवा के फायदे

होम्योपैथी दवा बच्चों से लेकर बड़ों तक की बीमारियों में रामबाण साबित होती है। यह दवा कई बीमारियों का सफल इलाज करती है, जैसे कि बुखार, सर्दी, खांसी, पेट के रोग, त्वचा, मानसिक स्वास्थ्य, जोड़ दर्द, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और महिलाओं एंव बच्चों की समस्याओं के निदान में बेहद कारगर होती है। इसके सेवन से व्यक्ति को किसी भी तरह के साइड इफेक्ट्स का सामना नहीं करना पड़ता। यह दवा प्राकृतिक होती है और शरीर को धीरे-धीरे ठीक करने में सहायक होती है।

बच्चों के लिए होम्योपैथी दवा का उपयोग

बच्चों की सर्दी खांसी बुखार, उल्टी, दांत की दिक्कत, टीथिंग के दौरान होने वाली समस्याएं, इन सभी के लिए होम्योपैथी दवा बेहद कारगर है। बच्चों में होम्योपैथी दवा का उपयोग बड़ी आसानी से किया जा सकता है। इसके लिए आपको डॉक्टर की सलाह लेने की आवश्यकता नहीं होती है। इसे बच्चों को दिनभर के समय में खाली पेट या भोजन के बाद दे सकते हैं। होम्योपैथी दवा की सेवन संख्या और खुराक पर भी ध्यान देना जरूरी है।

होम्योपैथी दवा के साइड इफेक्ट्स

गंभीर और बड़ी बीमारियों में होम्योपैथी दवा लेने की सलाह तो नहीं दी जाती है। लेकिन कुछ ऐसी बीमारियां जिसमें आपके पास अच्छा खासा वक्त है, उनके इलाज में थोड़ा समय लगता है। इससे संबंधित कोई भी नुकसान न के बराबर होते हैं, साइड इफेक्ट्स के केसेस भी कम देखने को मिलते हैं। यह दवा प्राकृतिक होती है और शरीर को धीरे-धीरे ठीक करने में सहायक होती है। लेकिन फिर भी, इसे बिना डॉक्टर की सलाह के न लें और खुराक का ध्यान रखें।

निष्कर्ष

होम्योपैथी चिकित्सा प्रणाली बच्चों से लेकर बड़ों तक की विभिन्न बीमारियों के इलाज में बहुत ही प्रभावी और सुरक्षित है। इस दवा का सेवन करने से व्यक्ति को किसी भी तरह के साइड इफेक्ट्स का सामना नहीं करना पड़ता। इससे कई बीमारियों का सफल इलाज होता है और व्यक्ति को नए जीवन की राह दिखती है। होम्योपैथी दवा लेते समय आपको डॉक्टर की सलाह लेने का पूरा ध्यान रखना चाहिए और खुराक का पालन करना जरूरी है। इस तरीके से होम्योपैथी चिकित्सा आपके जीवन को स्वस्थ, सकारात्मक और समृद्ध बना सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. होम्योपैथिक दवा कैसे असर करती है?

होम्योपैथिक दवा शरीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्तर पर काम करती है और व्यक्ति के शारीर, मन और आत्मा को एकाग्र करके बीमारियों को खत्म करती है। इसका असर धीरे-धीरे दिखता है और यह प्राकृतिक होती है, इसलिए इससे कोई साइड इफेक्ट्स का सामना नहीं करना पड़ता।

2. होम्योपैथिक दवा कितने दिन बाद असर करती है?

होम्योपैथिक दवा का असर आम तौर पर 2-3 दिन में दिखने लगता है। इसके उपयोग से व्यक्ति को त्वरित राहत मिलती है और उसकी समस्या का समाधान होता है। लेकिन बड़ी बीमारियों के इलाज में इसे नियमित रूप से उपयोग करने की आवश्यकता होती है और इसमें थोड़ा समय लगता है।

3. होम्योपैथी दवा के साइडइफेक्ट्स होते हैं क्या?

होम्योपैथी दवा प्राकृतिक होती है और इससे कोई साइड इफेक्ट्स का सामना नहीं करना पड़ता। लेकिन कुछ गंभीर और बड़ी बीमारियों के इलाज में इसे नहीं लेने की सलाह दी जाती है। इसलिए, आपको डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही इसे उपयोग करना चाहिए।

4. बच्चों के लिए होम्योपैथी दवा कैसे दें?

बच्चों को होम्योपैथी दवा खाली पेट या भोजन के बाद दे सकते हैं। इसे दिनभर के समय में खुराक के साथ देने के लिए आपको डॉक्टर की सलाह नहीं लेने की जरूरत होती है। हालांकि, खुराक का ध्यान रखना जरूरी है और जितनी बार आपको दवा देने की सलाह दी जाती है, उसे पूरा करें।

संक्षेप में

होम्योपैथी दवा भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रणाली है जो बच्चों से लेकर बड़ों तक की विभिन्न बीमारियों के इलाज में रामबाण साबित होती है। इस दवा का असर धीरे-धीरे दिखता है और इसके उपयोग से व्यक्ति को किसी भी तरह के साइड इफेक्ट्स का सामना नहीं करना पड़ता। लेकिन बड़ी बीमारियों के इलाज में इसे नियमित रूप से उपयोग करने की आवश्यकता होती है और इसमें थोड़ा समय लगता है। इसलिए, आपको डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही इसे उपयोग करना चाहिए। होम्योपैथी दवा से आपके जीवन को स्वस्थ, सकारात्मक और समृद्ध बना सकती है।

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