मनोरंजनहास्य

इन योद्धाओं कि करो देख भाल

लडकियाँ हर मोड़ पे डरती हैं,
अकेली हो तो सुनसान राहों का डर,
भीड़ में हो तो लोगों का डर,
हवा चले तो दुपट्टा उड़ने का डर,
कोई देखे तो उसकी आँखों का डर,
बचपन हो तो माँ बाप का डर,
जवान हो तो भाइयों का डर,
वो डरती हैं और तब तक डरती हैं,

जब तक इन्हें कोई जीवन साथी नहीं मिल जाता,

और यही वो शख्स होता है,
जिससे वो सबका बदला लेती हैं
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एक बुढा और एक बुढ़िया थे।
बुढा बुढ़िया को बहुत प्यार करता था।
बुढ़िया जहाँ जाती बुढा उसके पीछे-पीछे जाता।
जैसे की बुढ़िया बरतन धोती बुढा उसके पीछे खड़ा हो जाता ।
बुढ़िया घर का कोई भी काम करती बुढा उसके पीछे रहता ।
वह बुढ़िया को एक सेकंड के लिए भी अकेला नहीं छोड़ता।
इससे बुढ़िया बहुत परेशान हो गयी।
बुढ़िया के घर से उसकी माँ के फ़ोन आ रहे थे की
बेटी एक बार मिलने आजा पर बुढ़िया कैसे जाए
बुढा तो उसे अकेला छोड़ता ही नहीं।
तब बुढ़िया ने कुछ सोचा उसने बुढे से कहाँ
चलो जी आज हम छुप्पन छुप्पआई खेलते है।
तुम छुपो मैं तुम्हे डू डुगी। बुढा जाकर छुप गया।
बुढ़िया जल्दी से दुसरे कमरे में गयी
वहां से उसने अपना बक्सा उठाया।
और जल्दी से अपनी माँ के घर पहुच गयी।
अपनी माँ के घर पहुचकर बक्सा रखकर
बोली चलो बुढे से छुटकारा तो मिला।
और जैसे ही उसने बक्सा खोला
बुढा बोला
धप्पा।।
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साथीयो……

बीवी के साथ आज पूरा देश लड़ रहा है।
लेकिन याद रखे हमे बीवी से लड़ना है साली से नही…..
उसके साथ भेदभाव ना करे बल्कि उसकी देखभाल करे,
बीवियों से बचने के लिए जो हमारी ढाल हैं
जैसे साला-साली, साडूभाई, दोस्त, इनका सम्मान करें,
इन योद्धाओं कि करो देख भाल
तो हम सब जीतेंगे बीबी से हर हाल….

धन्यवाद

जनहित में जारी
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