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CAA JNU Protest: दिल्ली हाई कोर्ट ने कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग को खोलने का निर्देश दिया

Medhaj News 14 Jan 20 , 06:01:40 India
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दिल्ली हाई कोर्ट ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के चलते 15 दिसंबर से बंद कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग को खोलने की जनहित याचिका पर आज यानी मंगलवार को सुनवाई की। दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को 15 दिसंबर से बंद कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग मामले को देखने का निर्देश दिया है। बंद पड़े कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि जनहित का ध्यान रखें और कानून-व्यवस्था कायम करें। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ के समक्ष याचिका आई, जिसे मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया।

याचिका में कहा गया है कि सड़क बंद होने से रोजाना लाखों लोगों को कठिनाई होती है और वे पिछले एक महीने से अलग-अलग रास्तों से जाने के लिए बाध्य हैं। वकील और सामाजिक कार्यकर्ता अमित साहनी द्वारा दाखिल याचिका में दिल्ली पुलिस आयुक्त को कालिंदी कुंज-शाहीन बाग पट्टी और ओखला अंडरपास को बंद करने के आदेश को वापस लेने का निर्देश देने की मांग की गयी है।





नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शनों के कारण 15 दिसंबर को इन्हें बंद किया गया था। अस्थायी तौर पर शुरू किये गये कदम को समय समय पर बढ़ा दिया गया। जनहित याचिका में कहा गया है कि कालिंदी कुंज का इलाका दिल्ली, फरीदाबाद (हरियाणा) और नोएडा (उत्तर प्रदेश) को जोड़ने की वजह से बहुत महत्व रखता है। यहां से निकलने वाले मार्गों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को डीएनडी एवं अन्य वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है जिससे भारी यातायात जाम की स्थिति बन रही है और साथ ही समय तथा ईंधन की बर्बादी भी हो रही है।

इसमें कहा गया कि इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले बच्चों को स्कूल के समय से दो घंटे पहले घर छोड़ना पड़ रहा है। पीआईएल में दावा किया गया कि अधिकारी इलाके के निवासियों और दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा के लाखों लोगों को राहत देने के लिए उचित कार्रवाई नहीं कर पाए हैं। साहनी ने कहा कि उन्होंने तीन जनवरी को अधिकारियों को ज्ञापन दिया लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी।

याचिका में पुलिस व केंद्र सरकार को बनाया गया पक्षकार

याचिका के अनुसार प्राधिकारी मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और इससे स्थानीय निवासियों को परेशानी हो रही है। इतना ही नहीं जाम की समस्या बढ़ने आश्रम के एक रेड लाइट को पार करने में 15 से 20 मिनट लगता है। याचिका में पुलिस के अलावा केंद्र व दिल्ली सरकार को भी पक्षकार बनाया गया है। इससे पहले 10 जनवरी को शाहीन बाग इलाके में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर विचार करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया था।



 


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