कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाए

Medhaj News 15 Oct 20 , 20:36:58 India Viewed : 1323 Times
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दुर्गा पूजा (Durga Pooja) कमेटियों को आर्थिक अनुदान देने के ममता बनर्जी सरकार (Mamata Banerjee) के फैसले को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं | बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में दुर्गा पूजा समितियों को 50 हजार रुपये अनुदान देने की घोषणा की थी | कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को दुर्गापुर के रहने वाले सीटू नेता (CITU leader) सौरव दत्ता की याचिका पर सुनवाई करते ये बात कही | न्यायमूर्ति संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ द्वारा कल (शुक्रवार) फिर से सुनवाई जारी रखी जाएगी | 




  • क्या राज्य सरकार केवल दुर्गा पूजा के लिए ही अनुदान प्रदान करती है? या अन्य त्योहारों के लिए भी? क्या ईद के लिए अनुदान की घोषणा की गई थी?

  • हमें दुर्गा पूजा पर गर्व है, लेकिन क्या इस तरह से एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार इस तरह से अनुदान पेश कर सकती है?

  • सरकार कह रही है कि यह निधि पूजा समितियों के लिए मास्क और सैनिटाइजर के लिए है | इस स्थिति में राज्य सरकार को मास्क और सैनिटाइजर की खरीद करनी चाहिए थी और इसे क्लबों को वितरित करना चाहिए था, इससे पैसे की बचत होती |

  • महामारी के कारण स्कूल, कॉलेज बंद हैं, ऐसी स्थिति में राज्य सरकार दुर्गा पूजा की अनुमति कैसे दे रही है?

  • यदि पुलिस ब्लू प्रिंट बनाएगी, दुर्गा पूजा के लिए व्यवस्था करेगी, भीड़ को कंट्रोल करेगी, लोगों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराएगी, जब सब कुछ पुलिस द्वारा ही किया जा रहा है तो फिर इस अनुदान को दुर्गा पूजा समिति को क्यों दिया जा रहा है?



कोविड-19 महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने पूजा आयोजकों को बताया कि राज्य सरकार इस साल अन्य मुफ्त सुविधाओं के साथ प्रत्येक पूजा समिति को 50,000 रुपये देगी | 2500 से अधिक दुर्गा पूजन तो केवल कोलकाता पुलिस क्षेत्र में ही आयोजित किए जाते हैं | यह संख्या लोगों के घरों या परिसरों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों से अलग है | 


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      Commented by :Aslam
      15-10-2020 22:54:11

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