Delhi Nirbhaya case: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की निर्भया के दो दोषियों की क्यूरेटिव पिटिशन

Medhaj News 14 Jan 20 , 06:01:40 India Viewed : 18 Times
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निर्भया के दोषियों विनय शर्मा और मुकेश सिंह की क्यूरेटिव पिटिशन को आज सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा डेथ वॉरंट जारी होने के बाद दोनों दोषियों ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। बता दें कि पटियाला हाउस अदालत ने 22 जनवरी को दोषियों को फांसी पर लटकाने का डेथ वॉरंट जारी किया था।

निर्भया के गुनहगार विनय ने अपनी क्यूरेटिव पिटिशन में अपनी युवावस्था का हवाला देते हुए कहा है कि कोर्ट ने इस पहलू को त्रुटिवश अस्वीकार कर दिया है। याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितयों, उसके बीमार माता-पिता सहित परिवार के आश्रितों और जेल में उसके अच्छे आचरण और उसमें सुधार की गुंजाइश के बिंदुओं पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया है और जिसकी वजह से उसके साथ न्याय नहीं हुआ है।





क्यूरेटिव पिटिशन खारिज होने के बाद राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दायर किए जाने का प्रावधान है। राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद-72 व राज्यपाल अनुच्छेद-161 के तहत दया याचिका पर सुनवाई करते हैं। इस दौरान राष्ट्रपति गृह मंत्रालय से रिपोर्ट मांगते हैं। मंत्रालय अपनी सिफारिश राष्ट्रपति को भेजता है और फिर राष्ट्रपति दया याचिका का निपटारा करते हैं। अगर राष्ट्रपति दया याचिका खारिज कर दें उसके बाद मुजरिम को फांसी पर लटकाने का रास्ता साफ होता है। दया याचिका के निपटारे में गैर वाजिब देरी के आधार पर मुजरिम चाहे तो दोबारा सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सकता है।

चारों में से दो दोषी अक्षय सिंह ठाकुर और पवन कुमार गुप्ता ने अब तक क्यूरेटिव पेटिशन तक दाखिल नहीं की है और राष्ट्रपति के पास दया याचिका का भी विकल्प बचा हुआ है।

चारों की राष्ट्रपति के पास दया याचिका खारिज होती ही सभी दोषियों अक्षय सिंह ठाकुर, विनय कुमार शर्मा, मुकेश सिंह और पवन कुमार गुप्ता को फांसी  दे दी जाएगी।

गौरतलब है कि 16 दिसंबर को पैरा मेडिकल की छात्रा निर्भया के साथ दक्षिण दिल्ली के वंसत विहार इलाके में चलती बस में दरिंदगी हुई थी। मिली जानकारी के मुताबिक, बस में मौजूद ड्राइवर राम सिंह, एक नाबालिग के अलावा अक्षय सिंह कुमार, विनय कुमार शर्मा, पवन कुमार गुप्ता और मुकेश सिंह ने निर्भया के साथ दरिंदगी की थी। इसी के साथ निर्भया को मानसिक और शारीरिक कष्ट इस कदर दिया कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


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