फारूक अब्दुल्ला ने महबूबा मु्फ्ती के साथ गठबंधन का ऐलान किया

Medhajnews 15 Oct 20 , 19:19:41 India Viewed : 1312 Times
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श्रीनगर: पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने गुपकार बैठक के बाद मांग की है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पुराने सभी अधिकार वापस दिए जाएं। इसके साथ ही फारूक अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती की पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया है। पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत अन्य दलों ने इस गठबंधन को पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन का नाम दिया है।



बैठक के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ''हमने इस गठबंधन को पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन का नाम दिया है। हमारी मांग हैं कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को वो सारे अधिकार दिए जाएं जो हमसे छीने गए हैं। भारत सरकार राज्य के लोगों के उन अधिकारों को लौटाए जो उन्हें 5 अगस्त 2019 से पहले मिलते थे।''



उन्होंने कहा कि हम कुछ दिन बाद फिर मुलाकात करेंगे, जिसमें आगे के जो कदम हमें उठाने हैं, वो आपके सामने लाएंगे। बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी उपस्थित थीं।  फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू -कश्मीर के विशेष दर्जे के संबंध में 'गुपकार घोषणा' पर भविष्य की कार्रवाई का खाका तैयार करने के लिए अपने आवास पर बैठक बुलाई थी।



जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी बैठक में शामिल हुई थीं। मुफ्ती को 14 महीने की हिरासत के बाद मंगलवार को छोड़ा गया। बुधवार को मुफ्ती से मुलाकात पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने संवाददाताओं से कहा था मेरे पिता और मैंने महबूबा मुफ्ती साहिबा से मिलकर रिहाई के बाद उनका हालचाल पूछा। उन्होंने कहा कि पीडीपी नेता ने 'गुपकार घोषणा' पर हस्ताक्षर करने वालों की गुरुवार को होने वाली बैठक में शामिल होने का न्योता स्वीकार कर लिया है।



जानकारी के लिए आपको बता दे कि गुपकार घोषणा नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष के गुपकार स्थित आवास पर चार अगस्त, 2019 को हुई एक सर्वदलीय बैठक के बाद जारी प्रस्ताव है। इसमें कहा गया था कि पार्टियों ने सर्व-सम्मति से फैसला किया है कि जम्मू कश्मीर की पहचान, स्वायत्तता और उसके विशेष दर्जे को संरक्षित करने के लिए वे मिलकर प्रयास करेंगी। 



याद रहे कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर मुद्दे के समाधान और अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए अपने संघर्ष को जारी रखने का संकल्प लिया। महबूबा को 14 महीने की हिरासत के बाद मंगलवार रात रिहा किया गया था। महबूबा ने कहा कि पिछले साल पांच अगस्त को लिया गया केंद्र का फैसला दिनदहाड़े लूट थी। उन्होंने मंगलवार देर रात ट्विटर पर 83 सेकेंड का एक ऑडियो संदेश डाला। इसमें उन्होंने कहा, हम सभी को संकल्प लेना होगा कि जो कुछ भी हमसे गैरकानूनी, अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक तरीके से पिछले वर्ष पांच अगस्त को छीना गया था, उसे हम वापस पाकर रहेंगे। हमें कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए भी काम करना होगा जिसके लिए हजारों लोगों ने अपनी जान दी।


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      Commented by :Pankaj Kumar
      15-10-2020 19:55:27

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