कविता - प्रवासी मजदूर

Medhaj news 15 Jul 20 , 23:40:15 India Viewed : 3668 Times
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उड़न तश्तरी में उड़कर एक बीमारी आई है, 

जो मेहनतकश मजदूरों को सड़क पर ले आई है |  

बिना खाना पानी के निकल पड़े मजदूर, 

पैरों में नहीं चप्पल कितने हैं मजबूर | 


बच्चों को लिए गोदी में, सर पर सामान हैं लादे, 

कर्म भूमि को छोड़ जन्म भूमि की ओर भागे |  

कोई बूढ़े पिता को साइकिल पर करे सवार, 

कोई छोटे बच्चे को बेग पर बिठा करे रस्ता पार |  


कोई कटे पटरी पर, कोई दुर्घटना का शिकार, 

कोई दम तोड़े रास्ते पर, क्यों है ऐसा दयनीय हाल | 

दिल रोता है, आंखें भर आई है, 

बिना गुनाह के मजदूरों पर, 

यह क्या शामत आई है | 


महाराष्ट्र ,गुजरात ,दिल्ली 

तीन राज्यों में तीन सरकार, 

मगर अफसोस मजदूर बिचारा |  

हर राज्य में लाचार, 

दोष देते एक दूसरे को, 

नहीं लेते मजदूरों का हाल |  


राजनीति के चक्कर में, 

मजदूर बिचारा बेबस बेहाल | 



----ललित खंडेलवाल(मुंबई)----



मेरी पिछली कविता पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें---->(कोरोना) हर शख्स परेशान है


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    Comments

    • Very nice

      Commented by :Kunal chandra
      22-07-2020 19:47:51

    • Nice

      Commented by :Laxman Singh
      18-07-2020 09:36:43

    • Nice

      Commented by :Manoj
      17-07-2020 07:36:10

    • Nice peom

      Commented by :AJEET Kumar
      16-07-2020 10:59:06

    • Good poem

      Commented by :Mohit Kumar
      16-07-2020 10:04:41

    • Good poem

      Commented by :Aditya Yadav
      16-07-2020 09:23:10

    • Nice poem

      Commented by :Rashmi Ranjan Nayak
      16-07-2020 08:51:28

    • Nice poem

      Commented by :Tajuddin Akhtar
      16-07-2020 08:38:11

    • Nice

      Commented by :LAL KRISHNA LAL
      16-07-2020 08:23:45

    • Nice poem

      Commented by :Anand kumar
      16-07-2020 07:54:44

    • Nice lines

      Commented by :Md Nazir
      16-07-2020 07:15:13

    • Nice poem

      Commented by :Mintu kumar
      16-07-2020 06:51:18

    • Nice poem

      Commented by :Bajrangi Kumar
      16-07-2020 06:50:49

    • Nice Poem

      Commented by :BHUPENDRA MAHAYACH
      16-07-2020 06:01:21

    • It's very nice poem

      Commented by :Roshan Kumar
      16-07-2020 01:30:13

    • Bhut badhiya lines

      Commented by :ASHUTOSH DWIVEDI
      16-07-2020 00:15:23

    • Nice poem

      Commented by :Ajay kushawaha
      16-07-2020 00:04:14

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