#StudentFriendlyNEP : प्राइवेट स्कूल में नई शिक्षा नीति की वजह से क्या- क्या असर पड़ेगा

Medhaj News 1 Aug 20 , 15:04:29 India Viewed : 1006 Times
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बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार की कैबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy 2020) को हरी झंडी दे दी है | कहा जा रहा है इसके आते ही भारत की शिक्षा संरचना में बदलाव नींव के स्तर पर शुरू होगा, जो प्री स्कूल एजुकेशन और स्कूल लेवल लर्निंग से सही होगा | आइए ऐसे में जानते हैं प्राइवेट स्कूल में शिक्षा नीति की वजह से क्या- क्या असर पड़ेगा |  

१) प्राइवेट स्कूलों का मानना ​​है कि नई शिक्षा नीति (NEP 2020) को लागू नहीं किया जाएगा और स्कूलों के पास विकल्प हो सकते हैं कि वे किन पहलुओं को लागू करें | 

२) शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) के अनुसार 6-14 आयु वर्ग के छात्रों को मुफ्त शिक्षा का अधिकार है | चूंकि स्कूली शिक्षा अब 3 साल की उम्र से शुरू होगी, आरटीई अधिनियम का दायरा अब 3 वर्ष की आयु से 18 वर्ष की आयु तक होगा | कक्षा 9-12 के लिए मुफ्त और अनिवार्य गुणवत्ता की शिक्षा की उपलब्धता को भी 2020 में RTI अधिनियम का एक अभिन्न अंग बनाया जाएगा | 

३) वर्तमान में 47.1 प्रतिशत बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने जाते हैं, जो देश में लगभग आधे बच्चे हैं | सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन के सीईओ और संस्थापक आशीष धवन ने कहा - नीति ने माना कि भारत में लगभग आधे बच्चे प्राइवेट स्कूलों में जाते हैं | ऐसे में प्राइवेट स्कूलों के लिए एक मॉडल बनाया जाए | उन्होंने कहा, प्राइवेट स्कूलों के लिए शासन का एक मॉडल बनाएं | वहीं एक गाइडिंग डॉक्यूमेंट्स प्राइवेट स्कूलों के लिए तैयार किया जाए | जिसमें टर्म एंड कंडीशन लिखी हो, इसी के साथ प्राइवेट स्कूलों को लाइसेंस देने से पहले पड़ताल की जाए | इन मुद्दों पर शिक्षा नीति को और अधिक खास बनाने की आवश्यकता है | 

४) विशेषज्ञों का कहना है कि प्राइवेट स्कूलों को जिन तीन चीजों पर ध्यान देने की आवश्यकता है, वे हैं - SSSA (राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण)  एक लाइसेंसिंग प्राधिकरण के रूप में | प्राइवेट स्कूलों में मल्टीमॉडल लर्निंग से ज्यादा किताबों पर छात्रों का ध्यान केंद्रित किया जाए और बहुभाषावाद पर बहुत अधिक ध्यान दिया जाए | 

५) स्प्रिंगडेल्स स्कूल की प्रधानाचार्य अमिता वट्टल ने कहा - क्षेत्रीय भाषा सीखने में राज्य के स्कूलों के साथ कोई समस्या नहीं होगी | लेकिन सीबीएसई को महानगरों के लिए इसकी समीक्षा करनी चाहिए जहां देश भर से बच्चे आते हैं | उन्हें एक रास्ता निकालने की आवश्यकता होगी | NET 2020 यह स्पष्ट कर रहा है कि छात्रों को कोई भी भाषा मजबूरन होकर सीखने की जरूरत नहीं है, सब कुछ वैकल्पिक होगा | 


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      Commented by :AJEET Kumar
      01-08-2020 20:36:21

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      Commented by :Ashish kumar nainital
      01-08-2020 20:15:36

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      Commented by :Nidhi Azad
      01-08-2020 20:10:58

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      Commented by :Ajay Kumar Azad
      01-08-2020 20:00:28

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      Commented by :Aditya Yadav
      01-08-2020 19:12:37

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      Commented by : LAL KRISHNA LAL
      01-08-2020 18:42:59

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      Commented by :Rinku Ansari
      01-08-2020 18:23:49

    • May be change the education level..........

      Commented by :Deependra Yadav
      01-08-2020 18:00:27

    • Gd info

      Commented by :Amit Kumar
      01-08-2020 17:47:51

    • ok

      Commented by :Sushil Kumar Gautam
      01-08-2020 17:42:38

    • OK

      Commented by :uday Parte
      01-08-2020 17:03:21

    • Good information

      Commented by :Vikalp Gupta
      01-08-2020 16:55:34

    • Good.

      Commented by :Manoja Kumar Pradhan
      01-08-2020 16:22:06

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      Commented by :Mohammad Ashhab Alam
      01-08-2020 16:00:21

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      Commented by :Chandra Mohan
      01-08-2020 15:16:39

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      Commented by :Pradeep Kumar
      01-08-2020 15:12:05

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      Commented by :Md Shahnawaz
      01-08-2020 15:10:45

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