गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक पति की तलाक की अर्जी मंजूर करते हुए यह अहम टिप्पणी की

Medhaj news 30 Jun 20 , 08:07:54 India Viewed : 1704 Times
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गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक पति की तलाक की अर्जी मंजूर करते हुए यह अहम टिप्पणी की। जस्टिस अजय लांबा और जस्टिस सौमित्र सैकिया की पीठ ने कहा कि चूड़ी और सिंदूर हिंदू दुल्हन का शृंगार माना जाता है। अगर वह इसे धारण करने से मना करती है तो इसका मतलब यह है कि उसे शादी स्वीकार नहीं है और उसकी अनिच्छा से विवाह कर दिया गया। दो सदस्यीय पीठ ने कहा -  शंख और सिंदूर पहनने से इनकार करने को अपीलकर्ता के साथ विवाह को स्वीकार करने से इनकार करने का संकेत माना जाएगा। ऐसी परिस्थितियों में पति को पत्नी के साथ वैवाहिक जीवन में बने रहने के लिए मजबूर करना उत्पीड़न माना जा सकता है। परिवार अदालत ने पति की अर्जी ठुकरा दी थी, मगर हाईकोर्ट ने पत्नी के खिलाफ दायर की गई याचिका का हवाला देते हुए परिवार अदालत के फैसले को पलट दिया। हाईकोर्ट ने कहा - पत्नी ने पति पर क्रूरता का जो आरोप लगाया है, वह साबित नहीं होता है। पीठ ने कहा, पति या उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ निराधार आरोपों के आधार पर आपराधिक मामले दर्ज करने की ऐसी हरकतें बडे़ पैमाने पर क्रूरता है। हाईकोर्ट का यह फैसला बीते 19 जून को आया था। हाईकोर्ट ने पाया कि पति ने निचली अदालत के समक्ष आरोप लगाया था कि पत्नी ने शंख और सिंदूर पहनने से इनकार कर दिया था। उसकी ओर से पत्नी के खिलाफ कोई विवाद नहीं खड़ा किया गया। दरअसल, असम की एक परिवार अदालत ने पति की उस अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि पति की ओर से पत्नी के खिलाफ कोई क्रूरता नहीं की गई थी।

अपनी याचिका में पति ने आरोप लगाया कि फरवरी 2012 में हुई शादी के एक महीने बाद पत्नी ने संयुक्त परिवार में रहने से इनकार कर दिया और पति के साथ अलग जगह रहने की मांग की। रिश्तेदारों के रिश्ते बिगड़ गए और पत्नी ने अक्सर झगड़े शुरू कर दिए और बच्चे न होने के लिए भी पति को दोषी ठहराया। पत्नी ने 2013 में ससुराल छोड़ दिया और पति और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498 ए के तहत क्रूरता का मामला दर्ज किया। पति और रिश्तेदारों को बाद में उस मामले में हाईकोर्ट ने बरी कर दिया गया था। इसके बाद पति ने अलग से तलाक का केस दायर किया। पत्नी ने क्रूरता को आधार बनाकर किए गए मुकदमे में पति और ससुराल वालों पर दहेज के लिए उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे भोजन और चिकित्सा से वंचित रखा गया था और उसका भाई ही उसकी देखभाल करता था।


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    Comments

    • Good

      Commented by :amrendra singh
      07-07-2020 12:56:55

    • Good decision

      Commented by :Pravesh Kumar Satyarthi
      30-06-2020 21:30:11

    • good decision

      Commented by :Sushil Kumar Gautam
      30-06-2020 18:54:37

    • Great

      Commented by :Vijay Mehta
      30-06-2020 15:25:36

    • Good decision.

      Commented by :Pankaj Kumar
      30-06-2020 15:04:28

    • Good decision by High court

      Commented by :Ravindra
      30-06-2020 14:41:02

    • Good decision by HC

      Commented by :Mithilesh Kumar Panda
      30-06-2020 12:50:13

    • Ok

      Commented by :Wasim Ahmad
      30-06-2020 12:47:08

    • Good decision

      Commented by :uday Parte
      30-06-2020 12:18:05

    • ...

      Commented by :Naresh Kumar Yadav
      30-06-2020 12:17:31

    • Commented by :Ajit Shivhare
      30-06-2020 11:47:59

    • Only fake cases.........

      Commented by :Deependra Yadav
      30-06-2020 11:29:47

    • Ok

      Commented by :Abhishek Kumar darbhanga circle
      30-06-2020 11:26:37

    • Very bad situation

      Commented by :Dinesh Yadav
      30-06-2020 11:02:13

    • Not good

      Commented by :Aditya singh
      30-06-2020 10:28:35

    • 000oo

      Commented by :Md Rameez Raza
      30-06-2020 10:25:04

    • Not good

      Commented by :Ajay Kumar Azad
      30-06-2020 10:15:56

    • All is not well

      Commented by :Anirudh Kumar
      30-06-2020 10:09:18

    • Not good

      Commented by :Sandeep kumar yadav
      30-06-2020 10:07:39

    • Ooo

      Commented by :Vikash Kumar
      30-06-2020 09:53:45

    • Dood

      Commented by :Amrendra Kumar Singh
      30-06-2020 09:50:17

    • Decision of HC should be honoured.

      Commented by :Rajeev Kumar
      30-06-2020 09:44:48

    • Something is Wrong

      Commented by :Sumit Kumar Parida
      30-06-2020 09:18:08

    • Good

      Commented by :abhiyant kumar singh
      30-06-2020 09:12:52

    • Good decision

      Commented by : LAL KRISHNA LAL
      30-06-2020 09:01:17

    • So sad

      Commented by :Md Iqubal
      30-06-2020 08:57:27

    • Good thought

      Commented by :Md Nazir
      30-06-2020 08:53:29

    • Illogical

      Commented by :Anup
      30-06-2020 08:47:58

    • Good decision

      Commented by :Akhilesh Mishra
      30-06-2020 08:47:44

    • Kya logic hai?

      Commented by :Harendra Singh
      30-06-2020 08:44:45

    • Ok

      Commented by :Abhinav kumawat
      30-06-2020 08:44:13

    • It is no longer possible to say anything about this type of case

      Commented by :Chandan Sharma
      30-06-2020 08:39:47

    • Bad bad

      Commented by :Tajuddin Akhtar
      30-06-2020 08:39:30

    • Not good

      Commented by :Amit Kumar
      30-06-2020 08:32:39

    • Ok

      Commented by :Vijay Kumar
      30-06-2020 08:31:19

    • So sad

      Commented by :Md Shahnawaz
      30-06-2020 08:30:00

    • Aaj Kal ki ladkiya hy fy ho gai h.

      Commented by :Ravishankar Srivastava
      30-06-2020 08:28:51

    • Thik hai

      Commented by :Ashutosh Patra
      30-06-2020 08:28:17

    • Ok

      Commented by :Bharat Jadon
      30-06-2020 08:26:29

    • Ok

      Commented by :Amarjeet Kumar
      30-06-2020 08:21:50

    • Commented by :Kunal kumar (begusarai)
      30-06-2020 08:19:36

    • Ok

      Commented by :Rinku ansari
      30-06-2020 08:18:13

    • Ok

      Commented by :Bhimlal Mahto
      30-06-2020 08:15:23

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