पैतृक संपत्ति पर बेटी के अधिकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा

Medhaj News 11 Aug 20 , 15:25:11 India Viewed : 1576 Times
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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक बड़े फैसले में कहा है कि बेटियों को पैतृक संपत्ति पर अधिकार (Rights of Daughters)होगा, भले ही हिंदू उत्तराधिकार संशोधन) अधिनियम, 2005 के लागू होने से पहले पिता की मृत्यु हो गई हो। हिंदू अविभाजित परिवार की संपत्तियों में बेटियों के अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट ने बेटियों के पक्ष में फैसला सुनाया है। जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा, एक बार एक बेटी हमेशा एक बेटी .. बेटा तब तक बेटा होता है जब तक उसकी शादी नहीं हो जाती।" उन्‍होंने कहा कि बेटियों को भी बेटे की तरह संपत्ति के बंटवारे में बराबर हिस्सा दिया जाना चाहिए। 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 9 सितंबर 2005 संशोधन के बाद बेटी का भी संपत्ति पर हिस्सा होगा, भले ही संशोधन के समय पिता जीवित था या नहीं। जस्टिस मिश्रा की पीठ ने कानून तय करते हुए कहा,  "एक बेटी जीवन भर के लिए होती है.एक बार बेटी, हमेशा के लिए बेटी। दरअसल क्या हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2005, जिसने पैतृक संपत्ति में बेटियों को समान अधिकार दिया है, का पूर्वव्यापी प्रभाव होगा, इस पर कोर्ट को फैसला सुनाना था। 



 


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    • Good decesion

      Commented by :Sunil Kumar
      11-08-2020 23:19:40

    • Good

      Commented by :Amrendra Kumar Singh.
      11-08-2020 21:29:42

    • Good

      Commented by :Randhir Kumar Gaurav Hajipur
      11-08-2020 21:22:39

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      Commented by :Md Nazir
      11-08-2020 20:32:07

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      Commented by :Anand kumar
      11-08-2020 20:29:02

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      Commented by :Sushil Kumar Gautam
      11-08-2020 18:39:58

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      Commented by :Sirajuddin Ansari
      11-08-2020 18:19:28

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      Commented by :Ajay Kumar
      11-08-2020 17:53:58

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      Commented by :Aditya Yadav
      11-08-2020 15:55:15

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      Commented by :Kamlesh Singh
      11-08-2020 15:37:00

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