भारतीय गेम डेवलपमेंट कंपनी, BGMI, ने भारत में भारी निवेश की तैयारी की है

गेमिंग सामग्री की मांग भारत में बढ़ रही है, लेकिन आपूर्ति की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। क्राफ्टन इंडिया के सीईओ शीन हुनिल सोहन ने इसके बारे में बताया, “भारत में गेमिंग सामग्री की मांग बढ़ी है, हालांकि इसकी तुलना में आपूर्ति बहुत कम है। देश में कई स्टार्टअप और छोटे, मध्यम, बड़े आकार के गेम डेवलपर्स हैं। हालांकि, गेमिंग उद्योग के विकास के लिए आवश्यक पारिस्थितिकी तंत्र भारत में नहीं है।”

KGMI और अन्य इन्क्यूबेशन प्रोग्राम के बीच अंतर

कई कंपनियों ने भारत में गेमिंग इंक्यूबेशन प्रोग्राम्स शुरू किए हैं, जैसे कि सोनी और एपिक गेम्स। हालांकि, इन प्रोग्राम्स में कुछ नियम और शर्तें होती हैं और वे कुछ खास गेमिंग इंजन या प्लेटफ़ॉर्म के लिए होते हैं।

क्राफ्टन इंडिया का यह इंक्यूबेटेशन प्रोग्राम भिन्न है, क्योंकि यह शर्तों की कोई बाधा नहीं रखेगा। सीईओ ने यह भी कहा कि क्राफ्टन न केवल मोबाइल बल्कि पीसी गेमिंग में भी मदद करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि क्राफ्टन जुए, सट्टेबाजी या किसी भी तरह के ‘रियल मनी गेमिंग’ का समर्थन नहीं करेगा।

निष्कर्षित भविष्य की ओर

BGMI के इस नए प्रोग्राम से, भारतीय गेम डेवलपमेंट क्षेत्र में नई उम्मीदें हैं। गेम डेवलपर्स को मदद मिलेगी और उनके लिए नया रास्ता खुलेगा। यह गेमिंग इंडस्ट्री को और भी मजबूत बन सकता है, जिससे करोड़ों का धन प्राप्त हो सकता है।

FAQs

1. KGMI क्या है?

2. KGMI किसे मदद करेगा?

3. क्या KGMI केवल मोबाइल गेमिंग के लिए है?

4. क्या KGMI रियल मनी गेमिंग का समर्थन करेगा?

5. भारत में गेमिंग इंडस्ट्री का भविष्य क्या है?

इस तरह, BGMI का नया प्रोग्राम भारतीय गेम डेवलपर्स के लिए एक नई दिशा दिलाने के लिए तैयार है, जिससे गेमिंग इंडस्ट्री में और भी विकास हो सकता है।

Data Source: “क्राफ्टन इंडिया गेमिंग इनक्यूबेटर (KGMI) नामक प्रोग्राम के माध्यम से 10 गेमिंग टीमों की मदद करने का निश्चय किया है।”

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