सेहत और स्वास्थ्य

इंटरमिटेंट फास्टिंग

Intermittent Fasting

इंटरमिटेंट फास्टिंग खाने का एक तरीका है जहां आप तय करते हैं कि आपको कब खाना है और कब खाने से ब्रेक लेना है। आप एक निश्चित समयावधि के भीतर अपना सारा खाना खा सकते हैं और फिर बाकी दिन कुछ भी नहीं खा सकते हैं।

यह आपको इंटरमिटेंट फास्टिंग की कुछ प्रमुख विधियों के बारे में बताया गया हैं। जैसे:

16/8 विधि:

इसमें व्यक्ति रोज़ाना 16 घंटे तक उपवास करता है और फिर 8 घंटे की अवधि में उसको खाने-पीने की अनुमति होती है। आमतौर पर, लोग रात को खाना खाने के बाद 16 घंटे तक निर्धारित समय के बाद सुबह को खाना खाते हैं।

5:2 विधि:

इसमें व्यक्ति हफ्ते के किसी दो दिनों को अलग कर लेते हैं, जब वे केवल 500-600 कैलोरी या कम खाना खाता है। अन्य पाँच दिनों में वे सामान्य रूप से खाना-पीने करता हैं।

विंडोज विधि:

इसमें व्यक्ति अपने रोज़ के खाने के समय को विंडों में बांटते हैं, जैसे कि 12 घंटे का विंडो (8 घंटे उपवास और 4 घंटे खाने की अवधि) या 18 घंटे का विंडो (16 घंटे उपवास और 2 घंटे खाने की अवधि) करता है। इन सब से शरीर में हल्का महसूस होता है।

इंटरमिटेंट फास्टिंग के चार्ट को मनुष्य की आवश्यकताओं और विचारों के आधार पर चुनना बेहद जरुरी है। इसे व्यवसायिक और नैतिक दृष्टिकोन से भी देखा जाता है और कई लोग इसे सेहत सुधारने, वजन को कम करने और डॉयबिटीज़ जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए अपनाते हैं।

कृपया ध्यान दें कि इंटरमिटेंट फास्टिंग किसी विशेष चिकित्सा स्थिति वाले मनुष्यो के लिए उचित नहीं हो सकता है और इसे अपनाने से पहले एक चिकित्सक से परामर्श करना सुनिश्चित करें।

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