इसरो के वैज्ञानिकों को करना पड़ रहा रहा हैं इस मुसिबत का सामना, पत्र लिखकर की मांग

चंद्रयान, मंगलयान, आदित्य जैसे कई बेहतरीन मिशनों के जरिए Isro ने दुनिया में भारत का मान और नाम दोनों ही बढ़ाया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में कार्यरत वैज्ञानिकों ने कई रॉकेट और उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे हैं।

लेकिन उन्होंने दावा किया हैं जिसके अनुसार ISRO वैज्ञानिकों के लिए अपने कार्यस्थल (office ) पर जाने के लिए पर्याप्त ट्रेनें उपलब्ध नहीं हैं। जिस कारण ISRO के वैज्ञानिको को काफी दिक्कत का समाना करना पड़ता हैं, सतीश धवन अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने के लिए सुल्लुरुपेट्टा स्टेशन पर उतरना जरूरी है। लेकिन कई ट्रेनें यहां नहीं रुकतीं., इसलिए यहां के कर्मचारियों की मांग है कि यहां अधिक ट्रेनें रुकनी चाहिए।

ISRO के सतीश धवन ने अंतरिक्ष केंद्र के कर्मचारी डाॅ. जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर मांग की है, सिंह ISRO के प्रभारी मंत्री हैं।

अंतरिक्ष केंद्र कहाँ है?

भारत की ओर से कई अंतरिक्ष प्रक्षेपण सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से होते हैं। यह केंद्र चेन्नई से लगभग 100 किमी दूर श्रीहरिकोटा के निर्जन द्वीप पर स्थित है। इस स्थान से निकटतम रेलवे स्टेशन सुल्लुरुपेट्टा है। यह अंतरिक्ष स्टेशन से भी 25 किलोमीटर दूर है।

सुल्लुरुपेटा रेलवे स्टेशन सभी SDSC-SHAR कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और श्री-सिटी के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्टेशन है। हालाँकि, इस स्थान पर पर्याप्त ट्रेन स्टॉप नहीं हैं, जिससे सभी नागरिकों को अपने घर या गाँव जाने में बहुत असुविधा होती है। ।” ये बात कर्मचारियों ने अपने पत्र में कही है।

इसके चलते कर्मचारियों ने अपने पत्र में अनुरोध किया है कि राज्य मंत्री इस मामले को संबंधित मंत्रालय तक ले जाएं और लंबी दूरी की और ट्रेनों को सुल्लुरुपेट्टा स्टेशन पर रुकवाने का प्रयास करें. इसके साथ ही स्टाफ ने कुछ रेलवे ट्रेनों की लिस्ट भी दी है।

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