विज्ञान और तकनीक

ISRO ने एक निजी फर्म को उपग्रह बस तकनीक का स्थानांतरण किया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने अल्फा डिज़ाइन टेक्नोलॉजीज, एक बेंगलुरु आधारित निजी कंपनी को आईएमएस-1 सैटेलाइट बस तकनीक का स्थानांतरण शुरू कर दिया है। इस स्थानांतरण को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वाणिज्यिक शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) ने बनाई है और इसे बुधवार को हस्ताक्षर किया गया था।

यह तकनीक भारतीय अंतरिक्ष उपग्रह क्षेत्र में बढ़ती निजी भागीदारी के प्रारंभ की घोषणा करती है। आईएमएस-1 सैटेलाइट बस को यूआर राव सैटेलाइट सेंटर ने विकसित किया है और यह एक छोटा सैटेलाइट प्लेटफ़ॉर्म है जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष तक पहुंच की लागत को कम करने की अनुमति देना है। यह बस विभिन्न भूमि इमेजिंग, समुद्र और वायुमंडल अध्ययन, माइक्रोवेव दूरसंवेदन और अंतरिक्ष विज्ञान मिशनों के लिए एक समर्पित वाहन के रूप में कार्य कर सकता है।

आईएमएस-1 सैटेलाइट बस की विशेषताएँ

  • आईएमएस-1 सैटेलाइट बस का वजन लगभग 100 किलोग्राम है और यह 30 किलोग्राम भार के पेयलोड को ले सकता है।
  • इसमें लगे सोलर एरे 330 वॉट की ऊर्जा उत्पन्न करते हैं।
  • यह चार प्रतिक्रिया पहिये वाला है जिसमें 1 न्यूटन थ्रस्टर है जो एक निश्चित अंश की शुद्धता के साथ निर्देशन की सटीकता के लिए उपयुक्त है।
  • इसे पूर्व में आईएसआरओ अनुमिशन जैसे विज्ञान यान, यूथसैट और माइक्रोसैट-2डी मिशनों में उपयोग किया गया था।

निजी कंपनियों के लिए वैज्ञानिक तकनीक स्थानांतरण

आईएसआरओ और अंतरिक्ष विभाग के इस तकनीक स्थानांतरण से, वे उद्योगिक विकास को मजबूत करने की उम्मीद करते हैं, जिससे निजी कंपनियों को अंतरिक्ष तकनीक समाधानों के निर्माण और लागू करने में आसानी हो। यह स्थानांतरण न केवल भारतीय अंतरिक्ष उद्योग के विकास को प्रोत्साहित करता है बल्कि अंतरराष्ट्रीय सूर्य उपग्रह बाजार में भी भारत को मजबूत प्रतिस्थान देने में मदद करता है।

समाप्ति

इस तकनीकी स्थानांतरण से, भारतीय अंतरिक्ष उद्योग को निजी खेलने का और विदेशी व्यापारियों के साथ सहयोग करने का एक नया मौका प्राप्त होता है। यह साझा उद्देश्य रखता है कि भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक कदम उठाए जाएं।

प्रश्न-उत्तर

1. आईएमएस-1 सैटेलाइट बस कितने भार के पेयलोड को ले सकता है? आईएमएस-1 सैटेलाइट बस 30 किलोग्राम भार के पेयलोड को ले सकता है।

2. आईएमएस-1 सैटेलाइट बस में कितने प्रतिक्रिया पहिये होते हैं? आईएमएस-1 सैटेलाइट बस में चार प्रतिक्रिया पहिये होते हैं।

3. यह तकनीक स्थानांतरण किसने किया है? यह तकनीक स्थानांतरण भारतीय अंतरिक्ष उद्योग के वाणिज्यिक शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड ने किया है।

4. आईएमएस-1 सैटेलाइट बस का वजन कितना है? आईएमएस-1 सैटेलाइट बस का वजन लगभग 100 किलोग्राम है।

5. यह तकनीकी स्थानांतरण के माध्यम से किसे मजबूत करने का उद्देश्य है? यह तकनीकी स्थानांतरण भारतीय अंतरिक्ष उद्योग को मजबूत करने के लिए और निजी कंपनियों को अंतरिक्ष तकनीक समाधानों के निर्माण और लागू करने में आसानी प्रदान करने के लिए है।

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