Jagadguru Shankaracharya : स्वामी श्री 1008 अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के अवतरण दिवस पर, मेधज में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया

Jagadguru Shankaracharya : आज जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री 1008 अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के अवतरण दिवस पर, मेधज में इसका धूमधाम से आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का शुभारम्भ मेधज ग्रुप के संथापक डॉ समीर त्रिपाठी जी तथा उनकी माता रेखा त्रिपाठी जी द्वारा दीप प्रज्जवलन करते हुए किया गया इसी के साथ इस संदर्भ में पूजा आयोजित की गयी, जिसमे लोगो ने बढ़ चढ़ाकर हिस्सा लिया और गुरुदेव की कृपा की कामना की।

भारत के इतिहास में कई प्रसिद्ध दार्शनिकों और संतो में आदि गुरु शंकराचार्य का नाम भी शामिल

भारत के इतिहास में कई प्रसिद्ध दार्शनिकों और संतो के नाम शामिल हैं, उन्ही में आदि गुरु शंकराचार्य का नाम भी आता हैं। सनातनी दृष्टिकोण से भारत की भूमि पूरे विश्व में सबसे अधिक पवित्र और पावन मानी जाती है। इसी भूमि पर समय-समय पर अनेक भगवदवतार अवतरित हुए हैं। भगवान् नारायण से आरम्भ होने वाली गुरु-परम्परा में भगवत्पाद आद्य शंकराचार्य जी संवत् 2020 से 2530 वर्ष पूर्व अवतरित हुए और उन्होंने भारत को एकता के सूत्र में निबद्ध किया।

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री 1008 अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के अवतरण दिवस पर, मेधज में की गयी पूजा आयोजित

भारत की चार दिशाओं में चार वेदों के आधार पर चार आम्नाय पीठों की स्थापना कर देश की धार्मिक व साँस्कृतिक सीमा को सुदृढ बनाया। इन्हीं चार पीठों में से अन्यतम उत्तराम्नाय ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम हिमालय के वर्तमान जगद्गुरु शंकराचार्य परमाराध्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती’1008 ‘ आज सनातन संजीवनी के रूप में हम सबको प्राप्त हैं। ‘परमाराध्य’ स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती’1008 ‘; यह एक ऐसा नाम है जिनका जीवन एक आदर्श के रूप में पूरे विश्व के सामने है। जिस प्रकार सूर्य को छिपाकर नहीं रखा जा सकता। वह जहाँ रहता है स्वयं प्रकाशित होकर पूरे विश्व को प्रकाशित करता है ऐसे ही ‘परमाराध्य’ स्वयं तो आत्मज्ञान के आनन्द से परिपूर्ण हैं ही पर जो भी इनके सम्पर्क में आ जाता है वह भी आत्मज्ञान की ओर अग्रसर होकर आनन्दित हो जाता है।

Jagadguru Shankaracharya का सतत आशीर्वाद मेधज परिवार को प्राप्त होता रहे 

इस कार्यक्रम मे मेधज ग्रुप के संस्थापक डॉ समीर त्रिपाठी उनकी माता श्री श्रीमती रेखा त्रिपाठी एवं श्रीमती अलका त्रिपाठी एवं गुंजन त्रिपाठी निदेशक गण तथा समस्त स्टाफ उपस्थित रहा इस अवसर पर श्रीमती रेखा त्रिपाठी द्वारा महाराज श्री की प्रतिमा का पूजन अर्चन किया गया तथा डॉक्टर सुमित त्रिपाठी द्वारा उनके व्यक्तित्व सहित उनके कठिन तपस्या का वर्णन करते हुए विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया शंकराचार्य जी का सतत आशीर्वाद मेधज परिवार को प्राप्त होता रहे ऐसी कामना की गई

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री 1008 अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के अवतरण दिवस पर, मेधज में की गयी पूजा आयोजित

आपको बता दे मेधज ग्रुप के संस्थापक डॉ समीर त्रिपाठी जी को पुराणों और मंत्रो के अर्थ सहित सही उच्चारण के लिए जगतगुरु शंकराचार्य ज्योतिषिपिथाधिस्वर बद्रिकाश्रम स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने शास्त्र गान शिरोमणि की उपाधि प्रदान की हैं , ये उपाधि डॉ समीर त्रिपाठी जी को काशी में मिली थी ।

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