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जानिए अधिक मास अमावस्या आज, जानें शुभ मुहूर्त, स्नान-दान विधि, चंद्र दर्शन का समय, फिर 3 साल बाद लगेगा मलमास के बारे मे

अधिक मास की अमावस्या आज, 16 अगस्त, बुधवार को है। यह मलमास की अमावस्या भी कही जाती है, जो आज समाप्त हो रही है। इसके साथ ही, 3 साल बाद रविवार, 17 मई 2026 को मलमास शुरू होगा। आइए, जानते हैं इस अधिक मास अमावस्या के महत्वपूर्ण तथ्यों को और इसकी पूजा-विधि के बारे में:

अधिक मास अमावस्या का महत्व

अधिक मास, जिसे मलमास भी कहते हैं, हिन्दू पंचांग में एक विशेष और अनैतिक समय होता है। इस दिन कुछ विशेष क्रियाएँ की जाती हैं जो हमारे पूर्वजों के आत्मा की शांति के लिए की जाती हैं। इस दिन, पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से व्यक्ति के पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।

स्नान और दान की महत्वपूर्ण विधि

आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त में 04:24 बजे से अधिक मास अमावस्या का स्नान और दान शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण समय में, पवित्र नदियों में स्नान करके और दान करके पितरों की आत्मा को शांति प्राप्त की जा सकती है। इसके बाद, सूर्य देव और पितरों की पूजा करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और वे तृप्त होते हैं। विशेष रूप से, पितरों के लिए जल से तर्पण करने से उनकी आत्मा को आराम मिलता है।

भगवान की पूजा का महत्व

अधिकमास के दिन, भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में कल्याण होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह दिन उनकी आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

अधिक मास अमावस्या 2023 के शुभ मुहूर्त

अमावस्या तिथि आरंभ: 15 अगस्त, दोपहर 12:42 बजे अमावस्या तिथि समाप्त: आज, दोपहर 03:07 बजे

पारस्नान-दान का समय:

  • सुबह 05:51 बजे से 09:08 बजे
  • सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक (25 घंटे तक)

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