विज्ञान और तकनीक

मंगल ग्रह पर मिलते-मिलते रह गई जिंदगी, 50 साल पहले Nasa से हुई थी बड़ी गलती, जानें

मंगल ग्रह पर जीवन की खोज, जो कि दुनियाभर की स्पेस एजेंसियों के लिए एक अत्यधिक महत्वपूर्ण लक्ष्य है, अबतक कामयाब नहीं हो पाई है। हालांकि, एक खगोलशास्त्री के अनुसार, ये खोज 50 साल पहले हो चुकी थी, लेकिन एक गलती की वजह से उसे पहचान नहीं सके। इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे Nasa ने 50 साल पहले मंगल ग्रह के बारे में बड़ी गलती की और उसके परिणामस्वरूप क्या हुआ।

वाइकिंग लैंडरों की मिट्टी में खोज

मंगल ग्रह पर जीवन की खोज के लिए 1976 में Nasa ने वाइकिंग लैंडरों को मंगल ग्रह पर भेजा था। इन लैंडरों ने मंगल ग्रह की मिट्टी का विश्लेषण किया था। पहले प्रारंभिक पॉजिटिव परिणाम आए, लेकिन बाद में कार्बनिक पदार्थों के सबूत नहीं मिले। इससे यह स्पष्ट होता है कि गलती से गंवा दिए गए सबूतों के कारण उस समय की वैज्ञानिक समुदाय में उलझन थी।

गलती का पता चला बाद में

डार्क शुल्ज-मकुच, जो टेक्निकल यूनिवर्सिटी बर्लिन से जुड़े खगोलशास्त्री हैं, ने बाद में यह खुलासा किया कि वाइकिंग लैंडरों के परिणामों की गलती से पुनरावलोकन के कारण हुई थी। उनके अनुसार, लैंडरों ने मंगल ग्रह की मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों के घोल वाले पानी की वजह से सबूतों को नष्ट कर दिया था।

वाइकिंग मिशन के महत्वपूर्ण तथ्य

नासा के वाइकिंग मिशन के तहत 1976 में दो लैंडरों को मंगल ग्रह पर लैंड किया गया था। वाइकिंग 1 ने 20 जुलाई 1976 को और वाइकिंग 2 ने 3 सितंबर 1976 को मंगल की सतह पर उतरा था। इन लैंडरों के मिशन का मकसद मंगल ग्रह पर जीवन के संभावित सबूतों की खोज करना था।

गलती की सीख

यह घटना हमें यह सिखाती है कि वैज्ञानिक शोध में सतर्कता और सावधानी बरतने की कितनी महत्वपूर्ण होती है। गलती से गवाए गए सबूत विज्ञान की गतिविधियों को आगे बढ़ने से रोक सकते हैं।

समापन

इस लेख में हमने देखा कि कैसे Nasa ने 50 साल पहले मंगल ग्रह पर जीवन की खोज की थी, लेकिन गलती से सबूतों को खो दिया। यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि वैज्ञानिक शोध में सतर्क रहना कितना महत्वपूर्ण है और किसी भी अनुसंधान के परिणामों को सही समय पर पुनरावलोकन करना आवश्यक है।

FAQs

  1. क्या वाइकिंग मिशन अब भी चल रहा है? नहीं, वाइकिंग मिशन बंद हो चुका है, लेकिन इसके परिणामों का अध्ययन जारी है।
  2. क्या मंगल ग्रह पर जीवन हो सकता है? वैज्ञानिक अभी तक इस पर सही उत्तर नहीं दे सकते हैं, लेकिन यह संभावना बिल्कुल भी खत्म नहीं है।
  3. क्या वाइकिंग मिशन से कुछ सिखने को मिला? जी हां, वाइकिंग मिशन से हमें मंगल ग्रह की सतह और मिट्टी के बारे में अनेक महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
  4. क्या अन्य देशों की भी मंगल ग्रह पर खोज हो रही है? जी हां, अनेक देशों ने भी मंगल ग्रह पर अपने मिशन भेजे हैं, जैसे कि भारत, चीन, यूरोपीय संघ, आदि।
  5. क्या भविष्य में मंगल ग्रह पर जीवन की खोज सफल हो पाएगी? हमें आशा है कि आने वाले समय में तकनीकी विकास से हम मंगल ग्रह की और अधिक गहराईयों में खोज कर सकेंगे और शायद जीवन के सबूत मिल सकें।

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