विज्ञान और तकनीक

Luna 25 रूस एक मिशन जो रच सकता है नया कीर्तिमान

रूस (ROSCOMOS) के Luna 25 मिशन की उड़ान 10 अगस्त 2023 को हुई थी। ये एक लैंडर मिशन है, जो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास क्रेटर बोगुस्लाव्स्की पर उतरने वाला है। प्रारंभ में लूना-ग्लोब लैंडर कहा जाता था, 1970 के दशक से सोवियत लूना कार्यक्रम की निरंतरता पर जोर देने के लिए इसका नाम बदलकर लूना 25 कर दिया गया था, हालांकि यह अभी भी लूना-ग्लोब चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम के रूप में संकल्पित एक बिंदु का हिस्सा है। यह पहला चंद्र जांच है जिसे रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोसमोस ने चंद्रमा पर भेजा है और यह चंद्र दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला ऐसा स्पेस मिशन हो सकता है।

रूस के लूना-25 अंतरिक्ष यान ने चंद्र कक्षा से चंद्रमा की अपनी पहली तस्वीरें भेजी हैं। छवियों में दक्षिणी ध्रुवीय क्रेटर ज़ीमन को दिखाया गया है, जो चंद्रमा के सुदूर भाग पर स्थित है। पृथ्वी से अदृश्य, ज़ीमैन क्रेटर, एक अद्वितीय चंद्र सतह वस्तु है जिसने दुनिया भर के शोधकर्ताओं की रुचि बढ़ा दी है।

यह उपलब्धि अंतरिक्ष अन्वेषण में एक ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाती है जब अक्टूबर 1959 में सोवियत स्वचालित स्टेशन “लूना-3” ने चंद्रमा के सुदूर हिस्से की दुनिया की पहली फोटो प्राप्त की थी। Luna 25 मिशन चंद्र एक्सप्लोरेशन की इस विरासत को जारी रखता है, जो हमारे बारे में नई अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।

वही भारत के ISRO का चंद्रयान 3 मिशन का लैंडर भी अपने प्रोपल्शन मॉडल से अलग होकर चन्द्रमा के और भी  नज़दीक पहुंच गया है। अब ये रेस चंद्रयान और Luna 25 के बीच दिचस्प हो गयी है।

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