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1431 में मलीनाथ के बाड़मेर गद्दी पर आसीन होने के अवसर पर पशु मेले का आयोजन

यह मेला वीर योद्धा रावल मल्लीनाथ की स्मृति में पशु मेला प्रतिवर्ष आयोजन किया जाता है। विक्रम संवत 1431 में मलीनाथ के बाड़मेर गद्दी पर आसीन होने के शुभ अवसर पर एक विशाल समारोह का आयोजन किया गया था। जिसमें दूर-दूर से हजारों लोग शामिल हुए। आयोजन की समाप्ति पर लौटने के पहले इन लोगों ने अपनी सवारी के लिए ऊंट, घोड़ा और रथों के सुडौल बैलों का आपस में आदान-प्रदान किया। यहीं से इस मेले का उद्भव हुआ था। इस मेले में आस-पास के राज्यों के व्यापारी किसान भी पशु के क्रय विक्रय के लिए दूर दूर से आते हैं।

बाड़मेर घूमने जाने का सबसे अच्छा समय:-

बाड़मेर शहर को देखने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर और मार्च के महीनों के बीच है। क्योंकि इन महीनों के दौरान रेतीले क्षेत्र में साल के इस हिस्से के दौरान मौसम सुहावना और सुखद रहता है।

आप बाड़मेर कैसे पहुंच सकते हैं?

वायुयान मार्ग से:-

निकटतम हवाई अड्डा जोधपुर में बाड़मेर से लगभग 220 किमी दूर है। दिल्ली, मुंबई, जयपुर और उदयपुर से लगातार उड़ानें हैं। और बाड़मेर से लगभग 320 किमी दूर जयपुर में निकटतम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी है।

रेलगाड़ी मार्ग से:-

बाड़मेर रेलवे स्टेशन जोधपुर रेलमार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। बाड़मेर रेलवे स्टेशन नजदीकी शहर से और जोधपुर के लिए भारत के प्रमुख शहरों से कई ट्रेन उपलब्ध हैं। बाड़मेर पहुँचने के लिए रेलगाड़ी एक सस्ता साधन है।

सड़क मार्ग से:

बाड़मेर बस टर्मिनस रेलवे स्टेशन के पास स्थित है। है। आपको  राजस्थान राज्य ट्रांसपोर्ट निगम ने बाड़मेर के लिए जोधपुर, जयपुर, उदयपुर सहित राज्य के अधिकांश शहरों से बसें मिल जायेंगी।

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