मनोरंजनहास्य

प्राइमरी क्लास में मास्टर साहब गणित सिखा रहे थे।​

प्राइमरी क्लास में मास्टर साहब गणित सिखा रहे थे।​
मास्टर साहब – “बेटा, मान लो मैंने तुम्हें 10 लड्डू दिए!”​
रामू– “क्यों मान लूँ … आपने तो मुझे एक भी नहीं दिया ?”​
मास्टर साहब – “अरे मान ले न !
मानने में तेरा क्या जाता है ?”​
रामू– “ठीक है मास्टर जी …”​​
मास्टर साहब – “हाँ, तो उसमें से 5 तुमने मुझे वापस दे दिए …
तो बताओ तुम्हारे पास कितने लड्डू बचे ?”​​
रामू– “20 !!!”​
मास्टर साहब – “कैसे ?”​​
रामू– “मान लीजिए ना मास्टर!
मानने में आपका क्या जाता है !!!”
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टीचर ने साईन्स लैब में अपनी जेब से 1 सिक्का निकाला और acid में डाला
ओर छात्र से पूछा ये बता कि ये सिक्का घुल जाएगा या नही..…​
छात्र – सर नहीं घुलेगा…….​
सर – शाबाश बेटा लेकिन तुझे कैसे पता.. ​…​
छात्र – सर अगर acid में डालने से सिक्का घुलना होता तो,
आप सिक्का हमसे मांगते ना​ कि अपनी जेब से निकालते ..
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एक रात हर्ष देर से घर लौटा,​
हर्ष की माँ ने पूछा,​
बेटा इतनी रात कहाँ से आ रहे हो,​
हर्ष : क्लब में डांस देखने गया था,​
माँ: हे भगवान तूने कोई ऐसी चीज तो नहीं देख ली जो​ तुझे नहीं देखनी चाहिए थी,​
हर्ष : हाँ माँ मैंने देखी,​
माँ: क्या देखा बेटा,​
हर्ष: पापा को, माँ बेहोश।
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गुरुजी : बच्चों मुझे बताओ, पहले जिस जगह का नाम मद्रास था
अब उसे किस नाम से जाना जाता है..?​
मुकेश: चेन्नई ।​
गुरुजी: बिलकुल सही जवाब..​
अब मुझे ये बताओ कि ये चेन्नई नाम क्यूं रखा गया..?​
मुकेश: क्योंकि, सर वहाँ के लोग लूंगी पहनते हैं।
और लूंगी में पैंट की तरह चैन नहीं होती..​
इसलिए (चैन नहीं) चेन्नई ये नाम रखा गया..!! ​
गुरुजी ने उसे बहुत समय तक मारा..
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