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राधा-कृष्ण की प्रेम कथाओं से जुड़ा, मथुरा का कुसुम सरोवर

कुसुम सरोवर उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में स्थित सबसे प्रतिष्ठित स्थानों में से एक है। पृष्ठभूमि में एक ऐतिहासिक स्मारक वाला यह पवित्र जल सरोवर, राधा कुंड से लगभग 2 किमी दूर है। ऐतिहासिक कुसुम सरोवर 450 फीट लंबा और 60 फीट चौड़ा है। कुसुम सरोवर मथुरा के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में से एक है, जो देवी राधा रानी और भगवान कृष्ण के प्रेम भक्ति के महत्वपूर्ण प्रतीक के रूप में माना जाता है।

पौराणिक महत्व

कुसुम सरोवर देवी राधा रानी और भगवान कृष्ण के इर्द-गिर्द बुनी गई पौराणिक कथाओं से जुड़ा है। ऐसा माना जाता है कि राधा रानी अपनी सखियों के साथ फूल इकट्ठा करने के बहाने यहां भगवान कृष्ण से मिलने आती थीं।

कुसुम सरोवर का इतिहास

कुसुम सरोवर का इतिहास देवी राधा रानी और भगवान कृष्ण की प्रेम कथाओं से जुड़ा है। इस क्षेत्र के कई महान शासकों द्वारा समय-समय पर इस प्राकृतिक जलाशय की पुनर्स्थापना कराई गई और कई नवीन संरचनाएं जोड़ी गईं। सरोवर के चारों ओर बलुआ पत्थर से निर्मित परिसर की सुंदरता से हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाता है। ओरछा के राजा वीर सिंह देव के निर्देशानुसार वर्ष 1675 में इस प्राकृतिक तालाब का जीर्णोद्धार किया गया था। 18वीं शताब्दी के मध्य में, भरतपुर के राजा जवाहर सिंह ने अपने माता-पिता की याद में एक लाल बलुआ पत्थर का परिसर या स्मारक बनवाया था।

कुसुम सरोवर का महत्व

कुसुम सरोवर भक्तों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यहां पर आने वाले भक्त अपने प्रिय भगवान कृष्ण और देवी राधा से ‘प्रेम भक्ति’ का अमृत प्राप्त करते हैं और भक्ति में मग्न होते हैं। महान वैष्णव संत श्री चैतन्य महाप्रभु अपनी वृंदावन यात्रा के दौरान इस सरोवर के दर्शन अवश्य करते थे।

कैसे पहुंचें

कुसुम सरोवर निकटतम रेलवे स्टेशन, मथुरा जंक्शन से 25 किमी की दूरी पर स्थित है। यात्री यहां से बस और टैक्सियों का उपयोग करके आसानी से पहुंच सकते हैं। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से यहां पहुंच सकते हैं, जो कुसुम सरोवर से लगभग 165 किमी की दूरी पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

कुसुम सरोवर क्या है?

कुसुम सरोवर उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित एक प्राचीन और पौराणिक जल सरोवर है, जो राधा और कृष्ण की प्रेम कथाओं से जुड़ा हुआ है।

कुसुम सरोवर का महत्व क्या है?

कुसुम सरोवर का महत्व भक्तों के लिए बहुत अधिक है, क्योंकि यह भगवान कृष्ण और देवी राधा के प्रेम कथाओं से जुड़ा है। ऐसा माना जाता है कि राधा रानी अपनी सखियों के साथ फूल इकट्ठा करने के बहाने यहां भगवान कृष्ण से मिलने आती थीं।

कुसुम सरोवर कैसे पहुंचा जा सकता है?

कुसुम सरोवर मथुरा जंक्शन से 25 किमी की दूरी पर स्थित है और इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली से लगभग 165 किमी की दूरी पर है। यात्री यहां बसों और टैक्सियों का उपयोग करके पहुंच सकते हैं।

कुसुम सरोवर का इतिहास क्या है?

कुसुम सरोवर का इतिहास राधा रानी और भगवान कृष्ण के प्रेम कथाओं से जुड़ा हुआ है। इस क्षेत्र के कई महान शासकों द्वारा समय-समय पर इस प्राकृतिक जलाशय की पुनर्स्थापना कराई गई और कई नवीन संरचनाएं जोड़ी गईं।

कुसुम सरोवर का खास प्राकृतिक सौंदर्य क्या है?

कुसुम सरोवर के चारों ओर बलुआ पत्थर से निर्मित परिसर की सुंदरता से हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाता है। यहां के पेड़-पौधों की हरीतिमा और रंग बिरंगे फूलों की सुगंध मंत्रमुग्ध कर देने वाली हैं।

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