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राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन हेतु मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग, उ0प्र0 की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स की बैठक

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन हेतु मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग, उ0प्र0 की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स की बैठक आज उ0प्र0 सचिवालय के मुख्य भवन में सम्पन्न हुई। बैठक में सह अध्यक्ष के रूप में संदीप सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग एवं रजनी तिवारी, राज्य मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिभाग किया गया।

बैठक में सदस्य के रूप में डा0 अनुराग शर्मा एवं डा0 मुकुल चतुर्वेदी, मा0 उपाध्यक्षगण, उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिशद, अशोक कुमार गांगुली , पूर्व चेयरमैन, सी0बी0एस0ई0 व सदस्य, टास्क फोर्स, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा विभाग तथा अन्य सम्मानित सदस्यगणों द्वारा प्रतिभाग किया गया। बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, प्राविधिक शिक्षा विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग एवं व्यावसायिक शिक्षा व कौशल विकास विभाग द्वारा अपना-अपना प्रस्तुतिकरण किया गया। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अन्तर्गत वर्तमान में किये गये कार्य एवं भविष्य में प्रस्तावित/किये जाने वाले कार्यों के सम्बन्ध में टास्क फोर्स के सदस्यों द्वारा विस्तृत विचार विमर्श व चर्चा की गयी।

शैक्षिक गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए क्रिस्प संस्था के सहयोग से एन0आई0आर0एफ0 रैंकिंग के लिए 100 महाविद्यालयों तथा नैक मूल्यांकन के लिए 1000 महाविद्यालयों के लक्ष्य के सापेक्ष 766 महाविद्यालयों का चयन किया गया है। शिक्षा को रोजगारपरक बनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के 113 महाविद्यालयों में कौशल आधारित पाठ्यक्रम संचालित किये जाने की प्रक्रिया आरंभ की गयी है। कौशल विकास एवं उद्योग के साथ गठजोड़ हेतु उच्च शिक्षा विभाग एवं MSME विभाग के मध्य अनुबन्ध (MoU) हस्ताक्षरित करके स्थानीय स्तर पर षिक्षण संस्थानों एवं उद्योगों के बीच गठजाडे हेतु मार्ग प्रशस्त हुआ है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 सत्र 2021-22 से ही लागू की जा चुकी है। ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को लोकप्रिय बनाने के लिए 120 राजकीय महाविद्यालयों में ई-लर्निंग पार्क स्थापित किये गये हैं। ई-कंटेंट तैयार करने के लिए उच्च षिक्षा निदेषालय में स्टूडियो की स्थापना की गयी है। पीएम-ऊशा के अन्तर्गत अन्य राजकीय महाविद्यालयों में स्टूडियों बनाने की योजना है।

भारतीय ज्ञान परंपरा में शोध एवं शिक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए ODOT के समान ODOT (One District One Tradition एक जिला एक परंपरा) के आधार पर प्रत्येक जिले की एक भारतीय ज्ञान परंपरा की पहचान कर उसमें शोध एवं शिक्षण को बढ़ावा देने की योजना है।

बैठक के अन्त में संदीप सिंह, 0 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा अपने विचार व्यक्त करते हुए बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग में हॉलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड, प्रत्येक विद्यालय की डिजिटल लाइब्रेरी तक पहुंच तथा शैक्षणिक कैलेण्डर का अनुपालन सुनिश्चित करने का जोर दिया गया।

बैठक का समापन करते हुए योगेन्द्र उपाध्याय, मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग, उ0प्र0 द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप शिक्षा में संस्कार, तकनीक व स्थानीयकरण को बढ़ावा देने का आह्वाहन किया है।

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