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मथुरा का बहुप्रतिष्ठित बांके बिहारी मंदिर

बांके बिहारी मंदिर उत्तर प्रदेश में मथुरा जिले के वृंदावन शहर में स्थित है। ‘बांके’ का अर्थ है कोणों पर मुड़ा हुआ और ‘बिहारी’ का अर्थ है आनंद लेने वाला। यह मंदिर स्वामी हरिदास जी द्वारा श्री राधे-कृष्ण की अटूट भक्ति और प्रेम को दर्शाता है।

इतिहास

बांके बिहारी मंदिर में भगवान कृष्ण की मूर्ति त्रिभंग मुद्रा में है और माना जाता है कि यह वही मूर्ति है जो अपने शिष्य स्वामी हरिदास जी को ‘दिव्य दर्शन’ देने के बाद स्वयं भगवान ने प्रदान की थी। प्रारंभ में निधिवन के एक मंदिर में श्री बांके बिहारी जी की मूर्ति स्थापित थी एवं वही पर उनकी पूजा की जाती थी। तत्पश्चात वर्ष 1862 में नया परिसर बनकर तैयार होने के बाद श्री बांके बिहारी जी की मूर्ति को वर्तमान मंदिर में स्थानांतरित कर दिया गया।

वास्तुशिल्प

मंदिर की वास्तुकला पर राजस्थानी शैली का प्रभाव है जिसमें मेहराब और स्तंभ इसकी भव्यता में वृद्धि करते हैं। राजस्थानी शैली में बने “बिहारी जी” के इस भव्य मंदिर के चारों ओर एक अद्वितीय आभा का अनुभूति होती है, जिनकी बाल रूप में देखभाल की जाती है।

महत्व

इस मंदिर में भगवान कृष्ण की मूर्ति ‘त्रिभंग’ मुद्रा में हैं, जो तीन कोणों पर झुके हुए हैं। इसलिए भगवान कृष्ण, जो तीन स्थानों पर झुके हुए हैं, को “बांके” नाम मिला। मूल रूप से भगवान कृष्ण की इसी मूर्ति की निधिवन में पूजा की जाती थी और इसे “कुंज-बिहारी” कहा जाता था जिसका अर्थ है ‘वृंदावन के कुंज या पेड़ों का आनंद लेने वाला’।

कैसे पहुंचें

बांके बिहारी जी मंदिर वृंदावन में स्थित है और बस सेवा द्वारा सभी मुख्य शहरों से जुड़ा हुआ है। निकटतम हवाई अड्डा इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली है जो मंदिर से लगभग 161 किमी दूर है। निकटतम रेलवे स्टेशन मथुरा जंक्शन है जो प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है और बांके बिहारी जी मंदिर से लगभग 12 किमी दूर है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

बांके बिहारी जी मंदिर कहाँ स्थित है?

बांके बिहारी मंदिर उत्तर प्रदेश में मथुरा जिले के वृंदावन शहर में स्थित है।

बांके बिहारी जी मंदिर का महत्व क्या है?

यह मंदिर स्वामी हरिदास जी द्वारा श्री राधे-कृष्ण की अटूट भक्ति और प्रेम को दर्शाता है। माना जाता है कि यहाँ स्थित मूर्ति को भगवान ने स्वामी हरिदास जी को ‘दिव्य दर्शन’ देने के बाद स्वयं प्रदान की थी।

बांके बिहारी जी मंदिर कैसे पहुंचा जा सकता है?

बांके बिहारी जी मंदिर मथुरा जंक्शन से 12 किमी की दूरी पर स्थित है और इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली से लगभग 161 किमी की दूरी पर है। यात्री यहां बसों और टैक्सियों का उपयोग करके पहुंच सकते हैं।

बांके बिहारी जी मंदिर का क्या इतिहास है?

प्रारंभ में निधिवन के एक मंदिर में श्री बांके बिहारी जी की मूर्ति स्थापित थी एवं वही पर उनकी पूजा की जाती थी। तत्पश्चात वर्ष 1862 में नया परिसर बनकर तैयार होने के बाद श्री बांके बिहारी जी की मूर्ति को वर्तमान मंदिर में स्थानांतरित कर दिया गया।

बांके बिहारी जी में मंदिर क्या खास है?

इस मंदिर में भगवान कृष्ण की मूर्ति ‘त्रिभंग’ मुद्रा में हैं, जो तीन कोणों पर झुके हुए हैं। इसलिए भगवान कृष्ण, जो तीन स्थानों पर झुके हुए हैं, को “बांके” नाम मिला।

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