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वाडियार राजवंश का समृद्ध इतिहास

मैसूर पैलेस का अपना एक समृद्ध इतिहास है। जिसका निर्माण वाडियार राजवंश ने 14वीं शताब्दी में किया था। भव्‍य महलों में की गई नक्काशीयाँ आगुंतको को आकर्षित करती है। मैसूर पैलेस भारत के सबसे ऐतिहासिक और मशहूर स्थलों में से एक है। यह कर्नाटक की शान है। यह मैसूर पैलेस चामराजपुरा के अग्रहारा में सयाजी राव रोड के साथ स्थित है।

हैदर अली के बेटे टीपू सुल्तान द्वारा वाडियार राजा को हटा के मैसूर की सत्ता संभाल ली गई थी। जिसके शासन के दौरान इस मैसूर महल को मुस्लिम वास्तुकला शैली में ढाल दिया गया था। इस महल में कई मंडप है। जिसमे से एक गुड़िया का गोम्बे थॉटी मंडप है। 1897 में राजकुमारी जयलक्ष्स्मानी के विवाह समारोह के दौरान इस महल में आग लग गई थी। जिसके कारण पूरा महल बर्बाद हो गया था। जिसके पुनर्निर्माण के लिए प्रसिद्ध ब्रिटिश वास्तुकार हेनरी इरविन को नियुक्त किया।

हवाई जहाज़ से:

मैसूर में अपने हवाई अड्डे का नाम “मैसूर हवाई अड्डा” है। आप अपने शहर से मैसूर के इस हवाई अड्डे पर उड़ान बुक करके पहुँच सकते हैं।

रेलवे से:

मैसूर रेलवे स्थानीय और लंबी दोनों प्रकार की रेल सेवाएं प्रदान करता है। आप अपने शहर से रेल से मैसूर जा सकते हैं।

बस से:

कर्नाटक राज्य सरकार और निजी ऑपरेटर्स के द्वारा मैसूर के लिए बस सेवाएं उपलब्ध हैं। आप अपने शहर से राजमार्गों का प्रयोग बस, टैक्सी करके मैसूर पहुँच सकते हैं। आप खुद कार या मोटरसाइकिल का प्रयोग करके भी मैसूर पहुँच सकते हैं।

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