विज्ञान और तकनीक

सिर्फ एक गलती की वजह से 20 अरब किलोमीटर दूर चला गया नासा का वॉयजर-2 स्पेसक्राफ्ट

हाल ही में नासा के प्रसिद्ध वॉयजर-2 स्पेसक्राफ्ट से जुड़े वैज्ञानिकों ने एक ऐसी गलती की जिससे स्पेसक्राफ्ट का संपर्क टूट गया है और अब यह पृथ्वी से लगभग 20 अरब किलोमीटर दूर है। इस घटना ने वैज्ञानिकों में सनसनी मचा दी है और अब नासा अंतरिक्ष से आती आवाजों के माध्यम से इसे ढूंढने की कोशिश कर रहा है।

स्पेसक्राफ्ट को कमांड देने में हुई गलती

नासा के जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी द्वारा बताया गया कि पिछले सप्ताह वॉयजर-2 स्पेसक्राफ्ट से जुड़े वैज्ञानिकों के द्वारा स्पेसक्राफ्ट को कमांड देने में हुई गलती जिससे उसका एंटीना 2% शिफ्ट हो गया तथा यह धरती से 19.9 अरब किलोमीटर दूर चला गया, वर्तमान समय में कैनबरा में लगे एंटीना से इसकी तलाश की जा रही है।

आवाजों के जरिए संपर्क की कोशिश

नासा के वॉयजर-2 स्पेसक्राफ्ट के संपर्क टूट जाने के बाद वैज्ञानिक इसे ढूंढने के लिए अंतरिक्ष से आती आवाजों के जरिए संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, इस प्रयास के अंतर्गत वैज्ञानिकों द्वारा रेडियो उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है जो संभवतः वॉयजर-2 से आते संकेतों को पकड़ सकते हैं। यह कठिन कार्य है, लेकिन नासा अपने विशाल वैज्ञानिक समुदाय के साथ मिलकर इसे संभावित बनाने की कोशिश कर रहा है।

सौर मंडल के बहार दूसरे ग्रहों की खोज के लिए भेजा गया था वॉयजर-2

वॉयजर-2 स्पेसक्राफ्ट नासा के वॉयजर मिशन का एक हिस्सा था, जो 20 अगस्त 1977 को लॉन्च किया गया था, वॉयजर-2 का मुख्य उद्देश्य दुर्गम ग्रह जुपिटर और सूर्य के चारों ग्रहों को नजदीकी से स्टडी करना था, इस मिशन में वॉयजर-2 ने गहन अंतरिक्ष अनुसंधान किया और हमारे सौर मंडल के बाहर नए ग्रहों का पता लगाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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