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नवाज शरीफ अब चुनाव लड़ सकते है, जानें वजह  

इस्लामाबाद: पाकिस्तान अभी तक के अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है और जनता सड़कों पर है। पाकिस्तान की आर्थिक स्तिथि बहुत ही ख़राब हो गई है और आना वाला समय पाकिस्तान के लिए सही नही लग रहा है। पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली का असर उसकी सेना पर पड़ रहा है। आपको बता दे कि पाकिस्तान एक बार फिर दिवालिया होने से बच गया है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली 13 अगस्त को भंग हो जाएगी। पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने इसकी जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि अब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी चुनाव लड़ सकेंगे। तरार ने बताया कि नए इलेक्शन एक्ट के बाद PML-N सुप्रीमो पर लगा बैन हट गया है। अब वो और पाकिस्तान शुगर माफिया जहांगीर खान चुनाव लड़ने के योग्य हैं।

पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने इंटरव्यू देते हुए कहा कि पाक संसद का टेन्योर अगस्त में समाप्त हो जाएगा। इसके बाद एक केयरटेकर सेट-अप बनाया जाएगा, जिससे चुनाव होने तक संसद की कार्यवाही जारी रह सके। हालांकि, देश के राजनीतिक हालात को देखते हुए कार्यकाल खत्म होने से पहले ही नेशनल असंबली भंग होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

याद रहे कि नवाज शरीफ को सियासी साजिश के तहत जून 2017 में कई मामलों में सजा सुनाई गई थी। इसी वक्त सुप्रीम कोर्ट ने उनके ताउम्र चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगा दी। संविधान के अनुच्छेद 62 (1)(f) के तहत उन्हें बेईमान करार भी दिया गया। संसद के अपर हाउस सीनेट में इस महीने की शुरुआत में अयोग्यता कानून को बदलने के लिए नया बिल पेश किया गया था। इसे यहां से पारित कर दिया गया। इसके बाद 24 जून को यही बिल निचले सदन नेशनल असेंबली में पेश किया गया। यहां 25 जून को इसे पारित कर दिया गया।

अगर हम नवाज शरीफ के इतिहास के बारे में बात करे तो वह अब तक 3 बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में नवाज शरीफ को पनामा पेपर्स मामले में अयोग्य घोषित कर दिया था, जिसके बाद उन्हें किसी भी पार्टी में शामिल होने से रोक दिया गया था। लाहौर हाईकोर्ट ने 2019 में नवाज को इलाज कराने के लिए चार हफ्ते के लिए विदेश जाने की इजाजत दी थी। 19 नवंबर, 2019 को नवाज लंदन आए थे और तब से देश वापस नहीं लौटे।

कोर्ट ने 2018 में नवाज को अल-अजीजिया स्टील मिल्स भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई थी। वहीं एवनफील्ड प्रॉपर्टी मामले में उन्हें 11 साल की सजा सुनाई गई थी और 80 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया था। 16 नवंबर 2019 को लाहौर हाई कोर्ट ने नवाज की सजा सस्पेंड करते हुए उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत दी।

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