शिक्षा

डॉ नीना गुप्ता एक गणितज्ञ जिनको गणित में उत्कृष्टता के लिए मिला ‘नारी शक्ति पुरस्कार’

आज आपको हमारे देश की एक गणितज्ञ नीना गुप्ता के बारे में बताते है। डॉ नीना गुप्ता भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI), कोलकाता की सांख्यिकी और गणित इकाई में प्रोफेसर हैं। उनकी रुचि के प्राथमिक क्षेत्र कम्यूटेटिव बीजगणित और एफाइन बीजीय ज्यामिति हैं। नीना गुप्ता पहले ‘आईएसआई’ में ‘विजिटिंग साइंटिस्ट’ और ‘टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर)’ में विजिटिंग फेलो थीं। नीना गुप्ता का जन्म 1984 में कोलकाता, पश्चिम बंगाल में हुआ था।

नीना गुप्ता ने 2006 में ‘बेथ्यून कॉलेज’ से गणित में ऑनर्स के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने 2008 में ‘भारतीय सांख्यिकी संस्थान’ से गणित में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की और बाद में 2011 में अपनी ‘पीएच.डी.’ ‘कम्यूटेटिव बीजगणित’ विशेषज्ञता के रूप में अमर्त्य कुमार दत्ता के मार्गदर्शन में पूरी की। उनके शोध प्रबंध का शीर्षक था “लॉरेंट बहुपद तंतु और अर्ध-बीजगणित पर कुछ परिणाम”।

नीना गुप्ता ने 2019 में गणित विज्ञान की श्रेणी में ‘विज्ञान और प्रौद्योगिकी’ के लिए ‘शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार’ जीता है, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत में सर्वोच्च सम्मान है। 2022 में उन्हें ‘रामानुजन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। वह भारत की दूसरी महिला हैं जिन्हें यह पुरस्कार मिला है। नीना गुप्ता ने ज़ारिस्की रद्दीकरण समस्या के समाधान के लिए 2014 में ‘भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी युवा वैज्ञानिक पुरस्कार’ प्राप्त किया। नीना को 2013 में सकारात्मक विशेषता में ज़ारिस्की रद्दीकरण समस्या पर उनके काम के लिए ‘TIFR एलुमनाई एसोसिएशन’ द्वारा ‘सरस्वती कौशिक पदक’ से सम्मानित किया गया था। वह 2021 में विकासशील देशों के युवा गणितज्ञों के लिए ‘DST-ICTP-IMU रामानुजन पुरस्कार’ की प्राप्तकर्ता भी हैं।

नीना गुप्ता सितंबर 2008 से फरवरी 2012 तक ‘आईएसआई कोलकाता’ में ‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फेलो’, फरवरी 2012 से अप्रैल 2012 तक ‘आईएसआई कोलकाता’ में ‘विजिटिंग साइंटिस्ट’, मई 2012 से दिसंबर 2012 तक ‘टीआईएफआर मुंबई’ में ‘विजिटिंग फेलो’, दिसंबर 2012 से जून 2014 तक ‘आईएसआई कोलकाता’ में ‘इंस्पायर फैकल्टी’ के पद पर रही और जून 2014 से वर्तमान तक सांख्यिकीय और गणित इकाई (एसएमयू), ‘आईएसआई कोलकाता’ में ‘प्रोफेसर’ के पद पर कार्यरत है।
नीना गुप्ता को बहुत से अवार्ड मिले 2020 में ‘द वर्ल्ड एकेडमी ऑफ साइंसेज यंग एफिलिएट्स’, 2021 में ‘भारतीय विज्ञान अकादमी के फेलो अवार्ड’, 2015 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (भारत) के लिए ‘स्वर्ण जयंती फैलोशिप पुरस्कार’, 2014 में ‘इंडियन मैथमैटिकल सोसाइटी’ द्वारा सर्वश्रेष्ठ शोध प्रकाशन के लिए ‘प्रोफेसर ए.के. अग्रवाल पुरस्कार’ तथा 8 मार्च 2022 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

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