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अतिरिक्त सामान ले जाने पर 33% ज्यादा किराया, कठघरे में निजी एयर लाइंस

संसद की एक समिति ने अतिरिक्त सामान पर शुल्क में अत्यधिक बढ़ोतरी को लेकर देश की सभी प्रमुख निजी एयरलाइनों के प्रबंधन से पूछताछ की और उनसे विदेशी एयरलाइनों से उनके शुल्क की तुलना करते हुए रिपोर्ट जमा करने को कहा |

परिवहन, पर्यटन व संस्कृति मामलों की संसदीय स्थाई समिति की हाल में हुई बैठक में सदस्यों ने लगेज शुल्क को लेकर व्यापक नीति बनाने का सुझाव दिया। यह भी कहा गया कि एयर लाइंस को मुफ्त लगेज की सीमा तय करने की इजाजत नहीं दी जाना चाहिए।

देश की सभी निजी एयर लाइंस की घरेलू उड़ानों में सिर्फ 15 किलो तो सरकारी एयर इंडिया में 25 किलो तक लगेज मुफ्त ले जाने की इजाजत है। संसदीय समिति ने इंडिगो, जेट एयरवेज, स्पाइसजेट, एयर एशिया व विस्तारा के शीर्ष प्रबंधकों को तलब कर लगेज शुल्क वृद्धि और हवाई टिकट की डायनैमिक मूल्य प्रणाली पर जवाब मांगा। कुछ सदस्यों ने कहा कि 15 किलो तक मुफ्त लगेज ले जाने की सीमा बहुत कम है। एयर लाइंस को इसे बढ़ाना चाहिए।

बैठक में