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हिमाचल में भारी बारिश और बादल फटने से 9 लोगों की मौत, 7 लापता

शिमला | देश के पहाड़ी इलाकों भारी बारिश के चलते पिछले 2 हफ़्तों के दौरान कई जगहों पर बदल फटने और भूस्खलन की घटनाओं में कई लोगों की जानें चली गई। हिमाचल प्रदेश में भी बुधवार को दो स्थानों पर अचानक आई बाढ़ में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और सात लापता हो गए हैं। 


जिला मुख्यालय केलांग से करीब 15 किलोमीटर दूर लाहौल-स्पीति (Lahaul -Spiti) जिले के उदयपुर अनुमंडल में तोजिंग नाले (छोटी नदी) में अचानक आई बाढ़ में सात लोग बह गए। वहीं दूसरी ओर चंबा जिले में दो लोगों की मौत हो गई।


राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (State Disaster Management board) के विशेष सचिव सुदेश मोख्ता ने मीडिया को बताया कि लाहौल-स्पीति में अचानक आई बाढ़ से लापता तीन लोगों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान जारी है और दो को बचा लिया गया है।


कुल्लू जिले के मणिकर्ण में उफनती पार्वती नदी में दिल्ली के एक पर्यटक समेत चार लोगों की डूबने से मौत हो गई है।


रिपोर्ट में कहा गया है कि मनाली-लेह राजमार्ग पर भी बड़े पैमाने पर भूस्खलन के कारण यातायात बाधित हुआ। हाईवे पर सैलानियों समेत कई वाहन फंस गए हैं। मंडी शहर से आगे कई जगहों पर भूस्खलन के कारण चंडीगढ़ से मंडी-कुल्लू-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग भी बाधित हो गया।


भारी बारिश के चलते सीमा सड़क संगठन (Border Road Organisation) ने मनाली-लेह हाईवे (Manali - Leh Highway) और मनाली-उदयपुर हाईवे को बंद कर दिया है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अगले आदेश तक मनाली से केलांग होते हुए लेह की ओर जाने पर रोक लगा दी गई है।


सरकार ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एक सलाह या एडवाइजरी जारी की है कि वे ऊंचे पहाड़ों, नदियों के पास घूमने और भूस्खलन के लिए संवेदनशील स्थानों से दूर रहें।


इस सप्ताह की शुरुआत में किन्नौर जिले के सांगला-बटेसेरी मार्ग पर एक बड़ा भूस्खलन देखने को मिला था और यहां से गुजर रहे एक वाहन पर पत्थर गिरने के कारण नौ पर्यटकों की मौत हो गई थी।