होम > दुनिया

IMF द्वारा 500 मिलियन $ की मंजूरी के बाद, विश्व बैंक ने पाकिस्तान को $ 1 बिलियन से अधिक का ऋण दिया

विश्व बैंक ने पाकिस्तान के साथ 1.336 बिलियन अमरीकी डालर का ऋण प्रदान करने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि देश के विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाया जा सके और सामाजिक क्षेत्र के कार्यक्रमों में सहायता मिल सके। सामाजिक सुरक्षा, आपदा और जलवायु जोखिम प्रबंधन में सरकार की पहलों का समर्थन करने, लचीलापन, कृषि, खाद्य सुरक्षा के लिए बुनियादी ढाँचे को बेहतर बनाने के लिए 1.336 बिलियन अमरीकी डालर का ऋण दिया गया है। पाकिस्तान के डॉन अखबार ने बताया। आर्थिक मामलों के मंत्रालय के सचिव नूर अहमद ने पाकिस्तान सरकार की ओर से वित्तपोषण समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जबकि सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान की प्रांतीय सरकारों के प्रतिनिधियों ने अपने संबंधित समझौतों पर ऑनलाइन हस्ताक्षर किए। विश्व बैंक की कंट्री डायरेक्टर नाजी बेन्हासिन ने अपने संगठन की ओर से समझौतों पर हस्ताक्षर किए। समारोह में आर्थिक मामलों के मंत्री खुसरो बख्तियार भी शामिल हुए। पाकिस्तानी अखबार ने बताया कि पहला यूएसडी 600 मिलियन ऋण समझौता क्राइसिस-रिसिलिएंट सोशल प्रोटेक्शन प्रोग्राम (सीआरआईएसपी) से संबंधित है, जो एक अधिक अनुकूली सामाजिक सुरक्षा प्रणाली के विकास का समर्थन करता है जो गरीब और कमजोर घरों में भविष्य में आने वाले संकट में योगदान देगा। एक दिन पहले अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ (आईडीए) कार्यक्रम के तहत, लोन पर बैंक के कार्यकारी निदेशकों के बोर्ड द्वारा हस्ताक्ष किया गया था। COVID-19 महामारी के बीच, पाकिस्तान भर में लाखों परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहें हैं, विशेष रूप से अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले, जिनके पास कोई बचत नहीं है या जो मौजूदा सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों द्वारा कवर नहीं किए जाते हैं, नाज़ी बेनहासिन ने कहा। यह एक मंच प्रदान करेगा जिसके माध्यम से सरकार आर्थिक संकट के दौरान सबसे अधिक प्रभावित परिवारों को समर्थन देने के लिए तेजी से प्रतिक्रिया दे सकती है। इससे पहले सप्ताह में, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भी देश की आर्थिक प्रगति की चार लंबित समीक्षाओं को मंजूरी देने के बाद पाकिस्तान के लिए 500 मिलियन अमरीकी डालर के अगले किश्त को जारी करने पर सहमति व्यक्त की थी। 68 साल में पहली बार, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था ने देश में महामारी के कारण पहले से ही कमजोर वित्तीय स्थिति के साथ मिलकर COVID-19 महामारी के प्रतिकूल प्रभाव के कारण निगेटिव 0.38 प्रतिशत में है ।

0Comments