अलीगढ़ में बनेंगी सेना की पिस्टल और राइफल

अलीगढ़ में बनेंगी सेना की पिस्टल और राइफल

ताला व तालीम के लिए मशहूर अलीगढ़ में सेना की पिस्टल व राइफलें भी बनेंगी। इसके लिए वेरीविन डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड डिफेंस कॉरिडोर में फैक्ट्री स्थापित करेगी। कंपनी को केंद्रीय गृह मंत्रालय से लाइसेंस मिल गया है। कॉरिडोर के लिए यह पहला लाइसेंस हैं। अगले साल फैक्ट्री में हथियारों का निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।

कारिडोर के लिए प्रदेश के छह जिलों में चयनित अलीगढ़ नोड पलवल मार्ग पर विकसित किया जा रहा है। यहां 19 कंपनियों को 21 प्लाट आवंटित कर कब्जे दिए जा चुके हैं। 14 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कॉरिडोर का शिलान्यास करेंगे। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने दो साल में सभी निवेशकों को फैक्ट्री स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इस समयावधि से पहले ही वेरीविन डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड चार हेक्टेअर क्षेत्र में फैक्ट्री स्थापित करने की तैयारी में है। यह कंपनी 85 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। कंपनी के निदेशक मोहित शर्मा ने बताया कि गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर का पहला लाइसेंस स्वीकृत किया है। यह लाइसेंस भारत के निजी रक्षा उद्योग में सबसे बड़े लाइसेंस में से एक है। कंपनी अगले महीने से अलीगढ़ में फैक्ट्री का निर्माण शुरू करेगी। अप्रैल 2022 तक कंपनी में राइफल, पिस्टल व कारतूस बनने लगेंगे। वेरीविन डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड सिंगापुर ज्वाइंट वेंचर है। कंपनी का कार्यालय अमेरिका में भी है। हथियार बनाने की तकनीक भी अमेरिका की होगी।

बुलंदशहर के कंपनी के निदेशक मोहित शर्माः कंपनी के निदेशक मोहित शर्मा बुलंदशहर के लक्ष्मी नगर के मूल निवासी हैं। इनका लखनऊ में कॉरपोरेट ऑफिस है। कंपनी का अमेरिका की एलएमटी डिफेंस से तकनीकी करार है।

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