अयोध्या धाम विश्व का सबसे सुंदर धाम बने, इस पर प्रदेश सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा

अयोध्या धाम विश्व का सबसे सुंदर धाम बने, इस पर प्रदेश सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा

पर्यटन विभाग, पर्यटन प्रबंध संस्थान तथा फिक्की के साथ संयुक्त रूप से वेबिनार की श्रृंखला आयोजित की गयी, जिसका समापन पर्यटन, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य एवं प्रोटोकॉल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 नीलकंठ तिवारी ने पर्यटन निदेशाल के सभागार में किया। इस वेबिनार का प्रारम्भ 20 जुलाई, 2021 को पर्यटन मंत्री द्वारा किया गया था। इस वेबिनार की अध्यक्षता प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम द्वारा की गई।
 
इस वेबिनार की श्रृंखला में कुल 07 विषयों पर चर्चा की गई, जिसमें द नेक्स्ट जनरेशन इन टूरिज्म-स्ट्रेस एमंग स्टूडेंट ऑफ टैªवल, टूरिज्म एण्ड हॉस्पिटलिटी विषय पर 30 जुलाई को चर्चा हुई। इसी प्रकार रेलिवेंस ऑफ टूर ऑपरेटर एण्ड ट्रेवल एजेन्ट मोर दैन इवर विषय पर 13 अगस्त को, वाव्ज टू वूज एण्ड बैक टू वाव्ज टू द होटल इन्डस्ट्रीज विषय पर 20 अगस्त को, द रोल ऑफ मीडिया इन रिवाइविंग टूरिज्म विषय पर 27 अगस्त को, कुशीनगर-ए डेस्टिनेशन इन द मेकिंग विषय पर 03 सितम्बर को, तथा अयोध्या-इण्डियाज न्यूवेस्ट टूरिज्म डेस्टिनेशन विषय पर 10 सितम्बर को चर्चा की गयी।

प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य एवं प्रोटोकाल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा0 नीलकण्ठ तिवारी ने वेबिनार के समापन अवसर पर आयोजकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि मैं इस आयोजन में प्रतिभाग कर एवं वक्ताओं को सुनकर अत्यधिक उत्साहित हूँ। उन्होंने कहा कि विश्वभर के सभी प्रश्नों का उत्तर प्रदेश में विद्यमान हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या कि भव्यता प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री की प्रेरणा से आगे बढ़ रही है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। भारतीय संस्कृति के रूप में अयोध्या प्रभु श्री राम के भाव व आदर्श के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन शुरू किया जा रहा है, तभी से अयोध्या के विकास कि गति को आगे बढ़ाया गया।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि अयोध्या के महत्व को देखते हुए एवं पर्यटकों को सुविधाएं देने के लिए रेल व सड़क मार्ग को और बेहतर बनाया गया तथा विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला एयरपोर्ट का भी निर्माण किया जा रहा है। डिजिटल रामायण गैलरी का कार्य भी किया जा रहा है, रिवर फ्रन्ट कि योजनाएं भी प्रक्रियाधीन हैं। अयोध्या में 150 से ज्यादा विकास कार्य संचालित हैं। अयोध्या धाम विश्व का सबसे सुंदर धाम बने, इस पर प्रदेश सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है। देशी पर्यटकों एवं विदेशी पर्यटकों के लिए अयोध्या धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। उन्होंने बताया कि अयोध्या में कोरोना काल में गाइड को प्रशिक्षण देकर पर्यटन विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंत्री जी ने इस कार्यक्रम से जुड़े सभी प्रतिष्ठित व्यक्तियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस वेबीनार के माध्यम से हमें जो भी महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, इन सुझावों पर हम भविष्य में और तत्परता के साथ कार्य करेंगे।
 
प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति, मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि प्रदेश में अनेकों आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र हैं जो अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए तैयार है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का कार्य बहुत जल्दी पूर्ण हो जाएगा, जिससे कम समय में पर्यटक लंबी दूरी तय कर सकेंगे। पर्यटक सतहों को दिव्यांग जनों के लिए तैयार किया जा रहा है। रोपवे का कार्य इसी ओर उठाया गया एक कदम है। वाराणसी में गंगा घाट के किनारे नौकायन पर्यटकों के रूझान का एक प्रमुख माध्यम है। उ0प्र0 पर्यटन विभाग तथा भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के मध्य वाराणसी में कू्रज बोट के संचालन हेतु एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है। पर्यटकों को सहज नौकायन सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा वाराणसी से चुनार किले तक भ्रमण के लिए कू्रज बोट का संचालन किया जा रहा है, जो पर्यटकों को वाराणसी से शूलटंकेश्वर होते हुए चुनार के किले तक के घाटों का भव्य दर्शन कराएगा।

वेबिनार में जिलाधिकारी अयोध्या, अनुज झा द्वारा अयोध्या में किए जा रहे विकास कार्यों के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का कार्य बहुत तेजी से किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को शीघ्र ही सुविधाएं मिलेंगी, अयोध्या को प्रमुख शहरों से जोड़ने के लिए पूर्वांचल एक्स्प्रेसवे का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरयू नदी पर बेराज का क्रियान्वयन भी किया जाना प्रस्तावित है। अयोध्या में अनेकों विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे अयोध्या में पधारने वाले श्रृद्धालुओं को विश्व स्तरीय सुविधाये प्राप्त हो सकेंगी तथा उनका भ्रमण सुखद एवं अविस्मरणीय हो सकेगा। उन्होंने कहा कि सरयू नदी जन-जन के लिए पावन नदी के रूप में प्रसिद्ध है। घाटों का निर्माण एवं उसका सौन्दर्यीकरण का कार्य भक्तों की सुविधा हेतु करवाया जा रहा है। अयोध्या में बुलेट ट्रेन की सुविधा भी प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित कि गई है, जिससे पर्यटक देश की राजधानी से अयोध्या तक का सफर बहुत कम समय में पूरा कर सकेंगे।  

वेबिनार में पूर्व कुलपति डॉ0 राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या प्रोफेसर मनोज दीक्षित द्वारा अयोध्या में किए जाने वाले विकास कार्यों के बारे में चर्चा की गयी। उन्होंने सुझाव दिया कि रीजनल, स्टेट एवं लोकल गाइड को अयोध्या हेतु प्रशिक्षित किया जाना चाहिए, जिससे प्रभु राम की जीवनी से संबंधित प्रसंगों कि सही जानकारी अयोध्या पधारने वाले श्रद्धालुओं को दी जा सके। उन्होंने एक ट्रैवल राइटर कान्क्लैव का आयोजन किए जाने का सुझाव दिया, जिससे अयोध्या के सभी मंदिरों के बारे में अधिक से अधिक जानकारी दी जा सके।

वेबीनार का समापन प्रतीक हीरा द्वारा पर्यटन मंत्री डा0 नीलकण्ठ तिवारी, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम, जिलाधिकारी अयोध्या अनुज झा, पूर्व कुलपति डॉ0 राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या, प्रोफेसर मनोज दीक्षित को धन्यवाद देते हुए किया गया।

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