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मप्र में राहुल के बयान पर भड़के भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे थाने

मप्र में राहुल के बयान पर भड़के भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे थाने

भोपाल़ | आरएसएस को लेकर दिए अपने बयान से राहुल गांधी एक बार फिर भाजपा के निशाने पर आ गए हैं और मध्य प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने हिंदू देवी-देवताओं और प्रतिमाओं को सरकार की कुछ पहलों से जोड़ते हुए बुधवार को भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए उन पर राजनीतिक लाभ के लिए हिंदू धर्म का इस्तेमाल करने और धर्म की दलाली करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा खुद को हिंदू पार्टी होने का दावा करती है लेकिन वास्तव में वे नकली हिंदू हैं। राहुल गांधी के इस बयान के बाद भाजपा कार्यकर्ता उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने थाने तक पहुंच गए। 

वहीं कांग्रेस भाजपा पर जनता का ध्यान मुद्दों से भटकाने का आरोप लगा रही है। गौरतलब है की राहुल गांधी ने पिछले दिनों भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर बयान दिया था। उनके इस बयान पर राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राहुल गांधी इच्छाधारी हिंदू हैं, वे सुविधा के अनुसार टोपी पहनते और टीका लगाते हैं, धार्मिक पर्यटन पर जाते हैं और धार्मिक पर्यटन पर जाने के बाद इस तरह की बात करते हैं। आरएसएस को लेकर दिए गए बयान पर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कानूनी विशेषज्ञों से राय लूंगा।

एक तरफ जहां राज्य के गृहमंत्री प्राथमिकी दर्ज करने के लिए विषेषज्ञों की राय लेने की बात कह रहे हैं तो दूसरी ओर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने गुरुवार को राहुल गांधी के खिलाफ अरेरा हिल्स थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को शिकायत पत्र सौंपते हुए कहा शर्मा कि हिंदुस्तान की जनता हिंदू देवी-देवताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी। राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी होगी।

भाजपा के हमलों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा का कहना है कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने महिला कांग्रेस के 38 वें स्थापना दिवस पर आरएसएस व भाजपा को लेकर जो भी कहा वह पूरी तरह से सच है। भाजपा सिर्फ वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने व एनसीआरबी के आये ताजा आंकड़ों से ध्यान भटकाने के लिए उनके बयान को मुद्दा बना रही है।

सलूजा ने बताया कि राहुल गांधी ने ठीक ही कहा है कि भाजपा और आरएसएस महिला शक्ति को दबाते हैं, भय और डर का माहौल पैदा करते हैं। इनके संगठन में महिलाओं के लिए कोई स्थान नहीं। यह धर्म का उपयोग सिर्फ अपने राजनीतिक फायदे के लिए करते हैं, इनसे किसान, महिलाएं सब डरे हुए हैं। हमारी और इनकी विचारधारा अलग-अलग है। हमारी विचारधारा गांधी जी की अहिंसा की है और इनकी विचारधारा सावरकर और गोडसे की है। हम इनकी विचारधारा से समझौता नहीं कर सकते। हमें इनकी विचारधारा से प्रेम से लड़ना होगा नफरत से नहीं।

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