अगले पैरालंपिक में भारत का प्रदर्शन होगा अधिक दमदार : बैडमिंटन कोच गौरव खन्ना

अगले पैरालंपिक में भारत का प्रदर्शन होगा अधिक दमदार : बैडमिंटन कोच गौरव खन्ना

लखनऊ। भारतीय बैडमिंटन टीम ने टोक्यो पैरालंपिक खेलों में शानदार प्रदर्शन किया जिसका श्रेय टीम के कोच गौरव खन्ना को जाता है। टोक्यो पैरालंपिक में बैडमिंटन में भारत को चार पदक दिलाने में कोच गौरव खन्ना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 



दुनिया भर में भारत की शान बढ़ाने वाले कोच गौरव खन्ना और मिक्स्ड डबल्स के सेमीफाइनल तक कड़ी टक्कर देने वाली पलक कोहली को सोमवार को एक्सीलिया स्कूल में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान दोनों को भारतीय खेल प्राधिकरण के सहायक निदेशक अरुण और वरिष्ठ बैडमिंटन कोच देवेंद्र कौशल ने स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। 


इसके बाद ओमेक्स सिटी सोसायटी के अध्यक्ष एचके सिंह और उपाध्‍यक्ष एचपी यादव ने भी पुष्प गुच्छ प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान एक्सीलिया स्‍कूल के चेयरमैन डीएस पाठक और उपाध्‍यक्ष मंजू पाठक ने गौरव खन्ना की पत्नी मोहिता खन्ना को सम्मानित किया।


कार्यक्रम के दौरान गौरव खन्ना ने कहा कि टोक्यो में भारतीय टीम ने जो दो स्‍वर्ण, एक रजत और एक कांस्‍य पदक जीते हैं, उसके पीछे प्रमोद भगत, कृष्णा नागर, सुहास एलवाई और मनोज सरकार की अथक मेहनत हैं।


उन्होंने कहा कि बैडमिंटन को टोक्यो पैरालम्पिक में पहली बार शामिल किया गया था, टीम में सात सदस्य शामिल थे, जिनमें से सिर्फ पलक, पारुल परमार और तरुण ढिल्लन पदक प्राप्त करने से चूक गए। हालांकि ये खिलाड़ी पदक के काफी करीब पहुंच गए थे। उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि 2024 में फ्रांस की राजधानी पेरिस में होने वाले अगले पैरालम्पिक खेलों में भारत का प्रदर्शन और अधिक दमदार होगा।


इस दौरान पलक कोहली ने टोक्यो के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अपनी टीम के साथी खिलाड़ियों को देश के लिए जीतते हुए देखना अद्भुत पल थे। उन्होंने कहा, मिक्‍सड डबल में प्रमोद के साथ सेमीफाइनल में वे जीत के काफी करीब थीं, मगर अंतिम मौके पर कुछ चूक उन्हें भारी पड़ गई। पलक ने कहा कि अब मैं पेरिस पैरालम्पिक में अच्छा प्रदर्शन करना चाहूंगी।   


स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सहायक निदेशक अरुण ने कहा कि हम अभी और खिलाड़ी ओलंपिक और पैरालंपिक के लिए तैयार करना चाहेंगे। देश में खेलों के लिए बेहतर माहौल बना है, लोग खेलों के प्रति और संजीदा हुए हैं। ऐसे में खेल प्रशासकों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। 


वहीं एक्सीलिया स्कूल के निदेशक आशीष पाठक ने कहा कि पैरालम्पिक में भागीदारी करने वाला प्रत्येक खिलाड़ी सही मायने में हीरो होता है। उसका जज्बा सभी के लिए अनुकरणीय होता है। उन्होंने कहा कि गौरव खन्ना एक्सीलिया बैडमिंटन एकेडमी में इन खिलाड़ियों को देखकर सभी प्रेरित होते हैं। उन्होंने कहा कि सपने पूरा करने की शुरुआत सपना देखने से ही शुरू होती है और यह काम गौरव बखूबी निभा पा रहे हैं। 


इस अवसर पर एक्सीलिया स्‍कूल के चेयरमैन डीएस पाठक और उपाध्यक्ष मंजू पाठक, एक्सीलिया स्पोर्ट्स एकेडमी के प्रमुख प्रवीण पांडे, ओमेक्स सिटी सोसायटी के अध्यक्ष एचके सिंह और उपाध्‍यक्ष एचपी यादव, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रेम कुमार अले, नीतेश गायकवाड़, अबू हुबैदा, चिराग बरेठा, राहुल कुमार समेत अनेक राष्ट्रीय खिलाड़ी, प्रशिक्षु, उनके अभिभावक और टीचर्स मौजूद रहे।

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