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बाढ़ ग्रस्त इलाके के हवाई दौरे पर निकले मुख्यमत्री नीतीश कुमार ने तत्काल राहत सामग्री पहुंचाने के दिए निर्देश

पटना । बिहार बाढ़ की चपेट में है। ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद बाढ़ से प्रभावित सात जिलों का निरीक्षण किया। गुरुवार को हुए इस हवाई निरीक्षण के बाद उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग, जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। 


उन्होंने कहा कि नेपाल और झारखण्ड में अधिक वर्षा होने से कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बता दें कि मुख्यमंत्री बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, मधेपुरा, नालंदा, नवादा तथा पटना जिले के बाढ़ ग्रस्त इलाकों का निरीक्षण करने निकले थे। इस दौरान उनके साथ जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव हंस और मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह भी मौजूद रहे।


इस निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। इस बैठक में संबंधित जिलों के जिलाधिकारी भी कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहे। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जून के महीने में अधिक बारिश होने से बाढ़ की स्थिति बन गई है। मगर अब जुलाई के महीने में बारिश नहीं होने से राहत है। 


उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने को कहा है। इसी के साथ हालात का आंकलन कर जरूरतमंदों तक तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए है। दरअसल आंकलन लगाने के बाद बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री व सहायता पहुंचाने में आसानी होती है। 


सिर्फ वर्तमान राहत ही नहीं बल्कि किसानों को कृषि कार्यों में हुए नुकसान का भी आंकलन लगाए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए है। इस आंकलन के बाद जरूरतमंद किसानों को भी मदद मिल सकेगी। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा है कि नेपाल और पड़ोसी राज्य झारखंड में अधिक बारिश होने से राज्य के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनती है। 


बाढ़ के साथ साथ कोरोना संक्रमण की दोहरी मार झेल रहे राज्य निवासियों की सुरक्षा के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए है। बाढ़ राहत कैंपों में कोरोना जांच करने और टीकाकरण अभियान चलाने के लिए भी निर्देश दिए है।