फिरोजाबाद में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री योगी ने भेजी डॉक्टरों की नई टीम

फिरोजाबाद में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री योगी ने भेजी डॉक्टरों की नई टीम

लखनऊ| उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेंगू और वायरल फीवर का कहर जारी है। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को डेंगू और अन्य वायरल बीमारियों के प्रकोप की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के 10 डॉक्टरों और चिकित्सा शिक्षा विभाग के 5 विशेषज्ञों की एक और टीम फिरोजाबाद भेजने का निर्देश दिया है।


CM Yogi Adityanath sends new team of doctors to investigate firozabadयह टीम अगले एक हफ्ते तक वहीं कैंप करेगी और अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों की निगरानी करेगी। उन्होंने कहा कि नगर विकास विभाग द्वारा अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती कर साफ-सफाई, फॉगिंग का कार्य तेज किया जाए।


सरकार के प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा है कि बरसात के मौसम को देखते हुए चल रहे राज्यव्यापी निगरानी कार्यक्रम को डेंगू, मलेरिया और अन्य वायरल रोगों के संदिग्ध मरीजों की पहचान के लिए और प्रभावी बनाया जाए।


सर्दी-जुकाम, बुखार, सांस संबंधी दिक्कतों से जुड़े लोगों के समुचित इलाज की व्यवस्था की जाए और जरूरत के मुताबिक जांच भी की जाए।


मुख्यमंत्री ने बुधवार सुबह एक बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी अस्पतालों को अच्छी तरह से सुसज्जित करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएं। स्वास्थ्य विभाग के सभी अस्पतालों में डॉक्टरों की रिक्तियों की समीक्षा की जाए और जहां कहीं जरूरत हो, विभाग को तत्काल विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती करनी चाहिए।


इस बीच, आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि राज्य के 34 जिले अब कोविड मामलों से मुक्त हो गए हैं।


पिछले 24 घंटों में 66 जिलों में वायरस का कोई नया मामला नहीं मिला।


अलीगढ़, अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बलरामपुर, बांदा, बस्ती, बहराइच, भदोही, बिजनौर, बुलंदशहर, चंदौली, चित्रकूट, एटा, फरुर्खाबाद, फतेहपुर, गोंडा, हमीरपुर, हरदोई, हाथरस, कानपुर देहात, कासगंज, महोबा, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रामपुर, सहारनपुर, शामली, श्रावस्ती, सिद्धार्थ नगर, सुल्तानपुर और सोनभद्र में मामला नहीं मिला है।


औसतन हर दिन 2.5 लाख टेस्ट किए जा रहे हैं, जबकि पॉजिटिविटी रेट घटकर 0.01 फीसदी से कम और रिकवरी रेट 98.7 फीसदी हो गया है।


इस बीच, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सचिवालय सहित संवेदनशील सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा की जिम्मेदारी नवगठित 'उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ)' को सौंपने पर विचार करने को भी कहा है।

0Comments