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कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है, जागरूकता अभी भी जरूरी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है, जागरूकता अभी भी जरूरी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

कोरोना के मामले कम होना कोरोना के खत्म होने की घोषणा नहीं है। ये संक्रमण अभी खत्म नहीं हुआ है। इसको देखते हुए कोरोना संबंधित प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। लोगों को संक्रमण से बचाव के संबंध लगातार जागरूक करना भी आवश्यक है। इस समय जरा सी चूक भारी पड़ सकती है। ये कहना है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का। 


उन्होंने शनिवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के हालात की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोरोना से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखा जाए। लोगों को संक्रमण से बचाव के सम्बन्ध में निरन्तर जागरूक किया जाए। 


बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि बीते 24 घंटों में राज्य में कोरोना संक्रमण के 32 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 48 संक्रमित व्यक्तियों को सफल उपचार के बाद डिस्चार्ज किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 712 है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश में कुल 2,51,265 कोरोना टेस्ट किये गये। राज्य में अब तक कुल 06 करोड़ 55 लाख 02 हजार 631 कोरोना टेस्ट कराए जा चुके है।


अधिकारियों ने बताया कि राज्य के 10 जिलों(जनपद अलीगढ़, अमरोहा, एटा, हाथरस, कासगंज, कौशाम्बी, महोबा, मुरादाबाद और श्रावस्ती) में कोविड का एक भी मरीज नहीं है। पिछले 24 घण्टों में 55 जनपदों में संक्रमण का कोई नया मामला नहीं मिला। जबकि 20 जनपदों में इकाई अंक में कोरोना संक्रमण के मामले प्रकाश में आये हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि मरीज की आवश्यकता पर उसे तत्काल एंबुलेंस की सुविधा मिले। इसके लिए सभी जिलाधिकारी द्वारा अपने-अपने जनपद में एम्बुलेंस संचालन की व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस की अनुपलब्धता की स्थिति में यदि किसी की मृत्यु होती है, तो सेवा प्रदाता के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संक्रमण को नियंत्रित करने में वैक्सीनेशन एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है। उन्होंने निर्देशित किया कि कोविड वैक्सीनेशन का कार्य पूरी सक्रियता से संचालित किया जाए। सभी वैक्सीनेशन सेण्टर पर पर्याप्त संख्या में वैक्सीन की उपलब्धता रहे।


कोविड वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को प्रोत्साहित किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि एक दिन पूर्व तक प्रदेश में कुल 04 करोड़ 76 लाख 08 हजार 920 कोरोना वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है।


मुख्यमंत्री ने तीसरी लहर की सम्भावना को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि पीकू और नीकू की स्थापना की कार्यवाही तेजी से की जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक मेडिकल कॉलेजों में 6,572 पीकू व नीकू के बेड तैयार कर लिए गए हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना के निर्माण कार्य यथाशीघ्र पूरे किए जाएं। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए अब तक 6,572 हेक्टेयर भूमि क्रय की जा चुकी है, जो 90 प्रतिशत से अधिक है।


भूमि क्रय हेतु 6,189 करोड़ रुपए का भुगतान किया चुका है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया  निर्विवाद ढंग से सम्पन्न हुई है। इसके लिए स्थानीय किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका सराहनीय रही है। 


उन्होंने कहा कि अवशेष कार्यों को भी तेजी से पूरा किया जाए। इसके अलावा उन्होंने बेसिक, माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रोन्नति के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कोरोना की स्थिति को ध्यान में रखते हुए नवीन सत्र के संचालन के सम्बन्ध में कार्य योजना तैयार की जाए।


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से सभी जनपदों में वरिष्ठ नागरिकों से उनकी कुशलक्षेम पूछी जाए तथा आवश्यकतानुसार उनकी मदद की जाए। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी इस कार्य से जोड़ा जाए।


उन्होंने कहा कि गो-आश्रय स्थलों को सुचारु एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए। गायों के लिए चारे, पेयजल आदि आवश्यक व्यवस्था बनी रहे। हरा चारा एवं चोकर भी दिया जाए। निराश्रित गोवंश की उचित ढंग से देखभाल की जाए। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गो-आश्रय स्थलों का सघन निरीक्षण किया जाए।


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