कोरोना महामारी: आर्थिक तंगी के बीच स्कूलों की बढ़ती फीस बन रही है अभिभावकों के लिए मुसीबत

कोरोना महामारी: आर्थिक तंगी के बीच स्कूलों की बढ़ती फीस बन रही है अभिभावकों के लिए मुसीबत

नई दिल्ली | महामारी के दौरान हजारों अभिभावकों के लिए प्राइवेट स्कूलों की फीस (Private school fees) एक बड़ा मुद्दा बन गई है। कोरोना के कारण आर्थिक तंगी का शिकार हुए सैकड़ों अभिभावकों को अपने बच्चों का नाम प्राइवेट स्कूलों से कटवाना पड़ रहा है। कई मामलों में फीस जमा न कराने के कारण निजी स्कूलों ने भी सख्त कार्रवाई की है। 

ऑल इंडिया पेरेंट्स एसोसिएशन (All india parents association) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा, "फीस का संकट खत्म करने के लिए ऐसे सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों से दिल्ली सरकार के स्कूलों में स्थानांतरित करने पर विचार करना चाहिए। ऐसे समय में सरकार को किसी भी आधार पर ऐसे किसी भी छात्र को प्रवेश देने से इनकार नहीं करना चाहिए। शिक्षकों की समुचित भर्ती के जरिये गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी सुनिश्चित करनी चाहिए।"

स्कूलों की तरफ से भी वास्तव में आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं अभिभावकों  को छूट दी जा रही है। अभिभावक अब मासिक (Monthly mode of fees) मोड में फीस का भुगतान कर सकते हैं। विशेष अनुरोध पर आर्थिक तंगी का सामना कर रहे अभिभावक देरी से भी भुगतान कर सकते हैं।"

दिल्ली सरकार (Delhi govt.) ने फैसला किया है कि दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे ऐसे छात्र जो अब अपना नाम कटवा कर सरकारी स्कूलों में दाखिला लेना चाहते हैं उन्हें स्कूलों से ट्रांसफर सर्टिफिकेट (Transfer Certificate) लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बिना ट्रांसफर सर्टिफिकेट जमा कराए ही इन छात्रों को दाखिला दिया जाएगा। प्राइवेट स्कूलों से इन छात्रों का ट्रांसफर सर्टिफिकेट शिक्षा विभाग के अधिकारी अपने स्तर पर लेंगे।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Deputy Chief Minister Manish Sisodia) ने कहा कि कोरोना के कारण अभी तक कई लोगों का रोजगार छिन चुका है। ऐसे में कई अभिभावक प्राइवेट स्कूलों (Private Schools) की फीस भरने की स्थिति में नहीं हैं और अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में करवा रहे हैं। हालांकि कई प्राइवेट स्कूल बीते 1 वर्ष की बढ़ी हुई फीस के मुताबिक बकाया राशि की मांग रहे हैं। यह राशि न मिलने पर प्राइवेट स्कूलों द्वारा ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जा रहा है। इसलिए दिल्ली सरकार ने टीसी के मामलों में छात्रों को यह राहत दी है।

कई प्राइवेट स्कूल अब न केवल बढ़ी हुई फीस वसूल रहे हैं बल्कि बीते 1 साल में जो फीस वृद्धि की गई है उस बढ़ी हुई स्कूल फीस का भी तकाजा किया जा रहा है। 

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, "अब हम कोर्ट में छात्रों एवं अभिभावकों का पक्ष मजबूती से रख रहे हैं। इसके साथ-साथ हम अभिभावकों से अपील कर करते हैं कि अगर आप चाहे तो अपने बच्चों का दाखिला दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कर सकते हैं।"

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