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बिहार में शिथिल पड़ी कोरोना की लहर, 24 घंट में सामने आये 102 नए मामले

पटना | देश में कोरोना की गति अब कुछ मद्धम पड़ती दिखाई दे रही है।  तीन महीनों तक कोहराम मचने के बा अब देश के कुछ सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित राज्यों में कोरोना के मामलों में बहुत गिरावट आ गई है। 

बिहार में कोरोना के मामलों की संख्या में गिरावट और स्वास्थ होने वाले मरीज़ों में बढ़ोतरी के साथ, बिहार में सक्रिय मरीजों की संख्या में काफी गिरावट आई है। कोरोना की दूसरी लहर में दो महीने पहले यानी मई में सक्रिय मरीजों की संख्या जहां एक लाख से ज्यादा दर्ज की जा रही थी, वहीं अब यह आंकड़ा हज़ार से नीचे गिरकर 750 के करीब पहुंच गया है।

राज्य में कोरोना संक्रमण के मंगलवार को 102 नए मामले सामने आए। राज्य के 38 जिलों में से सात में एक भी मामला सामने नहीं आया जबकि सबसे अधिक 11 मामले पटना जिले में सामने आए हैं। राज्य के अररिया, बक्सर, गोपालगंज, मधुबनी, शेखपुरा और सतामढ़ी में एक-एक मामला सामने आया है।

राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान कुल 1,22,096 नमूनों की जांच की गई।

राज्य स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 108 लोग कोरोना संक्रमण से मुक्त हो कर अपने घर लौट गए हैं। राज्य में रिकवरी रेट 98़56 प्रतिशत दर्ज किया गया है।

फिलहाल राज्य में कोविड-19 के सक्रिय मरीजों की संख्या 782 है।

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने लोगों से अनलॉक में भी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि एम्स और रिम्स जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान जब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका प्रकट कर रहे हैं, तब अनलॉक के दौरान शहर के बाजारों से लेकर पहाड़ के पर्यटन स्थलों तक बिना मास्क लगाए असावधान लोगों की भीड़ बढ़ना चिंताजनक है।

उन्होंने कहा, "केरल और महाराष्ट्र में अब भी संक्रमण के 50 फीसदी से ज्यादा नए मामले मिल रहे हैं, इसलिए सभी नागरिकों को मास्क, स्वच्छता और दो गज दूरी के नियम का पालन करने में कोई ढिलाई नहीं करनी चाहिए।"