होम > राज्य > पश्चिम बंगाल

ममता के विरुद्ध मैदान में उतरी भाजपा प्रत्याशी को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस

ममता के विरुद्ध मैदान में उतरी भाजपा प्रत्याशी को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस

कोलकाता | पश्चिम बंगाल में अपनी नाक बचने की कवायद में जुटी ममता बनर्जी को भावनपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रियंका टिबरेवाल से कड़ा मुकाबला मिल रहा है।लेकिन फिलहाल चुनाव आयोग ने भवानीपुर में होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल को नामांकनपत्र दाखिल करते समय बड़ी संख्या में समर्थकों को इकट्ठा कर कोविड प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसी उपचुनाव के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नामांकन पर भाजपा ने मंगलवार को इस आधार पर आपत्ति जताई थी कि उन्होंने अपने हलफनामे में यह जानकारी छिपाई है कि उनके खिलाफ असम में कई मामले दर्ज हैं।

तृणमूल कांग्रेस ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि प्रियंका टिबरेवाल ने बिना किसी पूर्व अनुमति के लगभग 500 समर्थकों की 'अनियंत्रित भीड़' को इकट्ठा करके आदर्श आचार संहिता और कोविड से संबंधित दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया।

तृणमूल ने दावा किया कि उन्होंने अपना नामांकन दाखिल करने के रास्ते में 'धुनुची नाच' (आमतौर पर दुर्गा पूजा के दौरान किया जाने वाला पारंपरिक बंगाली नृत्य) भी किया।

रिटर्निग ऑफिसर द्वारा जारी नोटिस में भवानीपुर थाने के प्रभारी अधिकारी द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने शंभूनाथ पंडित स्ट्रीट और अन्य स्थानों पर भाजपा समर्थकों की एक बड़ी सभा के बाद यातायात की भीड़ का उल्लेख किया है।

हालांकि, प्रियंका टिबरेवाल ने इस आरोप से इनकार किया और कहा, "तृणमूल द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद चुनाव आयोग ने मुझे एक पत्र भेजा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि जब मैं अपना नामांकन दाखिल करने गई थी, तो मैंने बड़ी संख्या में लोगों को अपने साथ ले गई थी और इस तरह आदर्श आचार संहिता के साथ-साथ कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया। मैं उसका जवाब दूंगी।"

उन्होंने कहा, "मैं यह भी कहना चाहूंगी कि शुभेंदु अधिकारी मेरे वाहन में अकेले थे, कोई और नहीं था। अर्जुन सिंह और दिनेश त्रिवेदी अपने स्वयं के वाहन में आए थे, तो मैंने आचार संहिता का उल्लंघन कैसे किया? मेरे वाहन में कोई झंडा भी नहीं था।"

समर्थकों को अपने साथ ले जाने के आरोप पर भाजपा प्रत्याशी ने कहा, "मैंने किसी भीड़ का नेतृत्व नहीं किया। यह देखना मेरा कर्तव्य नहीं है कि बाइक और चौपहिया वाहनों पर सड़कों पर कौन थे। यह पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों का काम है।"

30 सितंबर को होने वाले उपचुनाव में ममता बनर्जी, प्रियंका टिबरेवाल और माकपा के श्रीजीब विश्वास के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। मतों की गिनती 3 अक्टूबर को होगी।

इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी से हारने के बाद ममता को मुख्यमंत्री पद बरकरार रखने के लिए यह उपचुनाव जीतना है।