थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है, 3T की नीति को ध्यान में रखकर कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन सुनिश्चित कराया जाए - सीएम योगी

थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है, 3T की नीति को ध्यान में रखकर कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन सुनिश्चित कराया जाए - सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड संक्रमण से बचाव और उपचार के सम्बन्ध में ‘ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीट’ की नीति को प्रभावी ढंग से लागू रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इस सम्बन्ध में थोड़ी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इसे ध्यान में रखकर कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन सुनिश्चित कराया जाए।

मुख्यमंत्री आज यहां लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में राज्य में कोरोना संक्रमण के 40 नए मामले सामने आये हैं। इसी अवधि में 99 संक्रमित व्यक्तियों को सफल उपचार के बाद डिस्चार्ज किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 1,188 है। पिछले 24 घण्टों में प्रदेश में कुल 2,18,725 कोरोना टेस्ट किये गये। इनमें संक्रमण पॉजिटिविटी दर 0.02 प्रतिशत है। राज्य में अब तक कुल 06 करोड़ 25 लाख 90 हजार 185 कोरोना टेस्ट सम्पन्न हो चुके हैं। राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर 98.6 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के सम्बन्ध में विशेषज्ञों के भविष्य के आकलनों के दृष्टिगत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर सम्पन्न किया जाए। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में अग्नि शमन व्यवस्था की समीक्षा किये जाने के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि मेडिकल कॉलेजों में पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 के निर्माण की कार्यवाही पूरी गति से संचालित है। मेडिकल कॉलेजों में अब तक 6,400 से अधिक पीकू/आइसोलेशन बेड तथा स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में लगभग 2,800 पीकू/आइसोलेशन बेड स्थापित किये जा चुके हैं। राज्य में ब्लैक फंगस के मरीजों को दवा की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश में 541 ऑक्सीजन संयंत्रों के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इनमें से 179 ऑक्सीजन संयंत्र स्थापना के पश्चात क्रियाशील हो गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निजी संस्थानों द्वारा ट्रॉमा सेण्टर तथा सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के नाम पर अधोमानक सेवाएं दिये जाने के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हुई है। उन्होंने जनसामान्य के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के सम्बन्ध में संवेदनहीनता बरतने तथा अधोमानक सेवाएं देने वाले ऐसे निजी चिकित्सा संस्थानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण के सम्बन्ध में भविष्य के आकलनों के दृष्टिगत बड़ी संख्या में कोरोना वैक्सीनेशन कराये जाने पर बल देते हुए कहा कि कोरोना वैक्सीन की निरन्तर एवं पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए कोरोना टीकाकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाए। टीकाकरण का कार्य निर्बाध एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए। कोविड वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विगत दिवस तक राज्य में कोरोना वैक्सीन की कुल 04 करोड़ 03 लाख 68 हजार 183 खुराक दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक खाद्य सामग्री का मूल्य नियंत्रित करने के सम्बन्ध में प्रभावी कार्यवाही की जाए। खाद्य सामग्री की जमाखोरी, मुनाफाखोरी, कालाबाजारी तथा मिलावट रोकने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए। इस सम्बन्ध में दोषी पाये जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे एवं बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे पर औद्योगिक क्लस्टर की स्थापना के सम्बन्ध में प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाये जाने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बकरीद के पर्व के दृष्टिगत सभी आवश्यक प्रबन्ध सुनिश्चित किये जाएं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए पर्व से जुड़े किसी भी आयोजन में 50 से अधिक लोग एक समय में एक स्थान पर एकत्र न हों। यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी गोवंश या किसी प्रतिबन्धित पशु की कुर्बानी न हो। कुर्बानी का कार्य सार्वजनिक स्थान पर न किया जाए। इसके लिए चिन्हित स्थलों/निजी परिसरों का ही उपयोग हो। स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया जाए।

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